-
दत्तगीता - प्रथमोध्यायः
गीता म्हणजे प्राचीन ऋषी मुनींनी रचलेली विश्व कल्याणकारी मार्गदर्शक तत्त्वे.Gita has the essence of Hinduism, Hindu philosophy and a guide to peaceful life and ever lasting world peace.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
दत्तगीता - द्वितीयोध्यायः
गीता म्हणजे प्राचीन ऋषी मुनींनी रचलेली विश्व कल्याणकारी मार्गदर्शक तत्त्वे.Gita has the essence of Hinduism, Hindu philosophy and a guide to peaceful life and ever lasting world peace.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
दत्तगीता - तृतीयोध्यायः
गीता म्हणजे प्राचीन ऋषी मुनींनी रचलेली विश्व कल्याणकारी मार्गदर्शक तत्त्वे.Gita has the essence of Hinduism, Hindu philosophy and a guide to peaceful life and ever lasting world peace.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
दत्तगीता - चतुर्थोध्यायः
गीता म्हणजे प्राचीन ऋषी मुनींनी रचलेली विश्व कल्याणकारी मार्गदर्शक तत्त्वे.Gita has the essence of Hinduism, Hindu philosophy and a guide to peaceful life and ever lasting world peace.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
दत्तगीता - पंचमोध्यायः
गीता म्हणजे प्राचीन ऋषी मुनींनी रचलेली विश्व कल्याणकारी मार्गदर्शक तत्त्वे.Gita has the essence of Hinduism, Hindu philosophy and a guide to peaceful life and ever lasting world peace.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
दत्तगीता - षष्ठोध्यायः
गीता म्हणजे प्राचीन ऋषी मुनींनी रचलेली विश्व कल्याणकारी मार्गदर्शक तत्त्वे.Gita has the essence of Hinduism, Hindu philosophy and a guide to peaceful life and ever lasting world peace.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
दत्तगीता - सप्तमोध्यायः
गीता म्हणजे प्राचीन ऋषी मुनींनी रचलेली विश्व कल्याणकारी मार्गदर्शक तत्त्वे.Gita has the essence of Hinduism, Hindu philosophy and a guide to peaceful life and ever lasting world peace.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीगुरुचरित्रातील श्रीगुरुगीता
गीता म्हणजे प्राचीन ऋषी मुनींनी रचलेली विश्व कल्याणकारी मार्गदर्शक तत्त्वे.Gita has the essence of Hinduism, Hindu philosophy and a guide to peaceful life and ever lasting world peace.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीसूर्यकचचस्तोत्रम् - श्रीसूर्यध्यानम् रक्तांबु...
रोज कवच स्तोत्राचे पठण केल्याने जीवन सुरक्षित बनते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
नृसिंहकवचम् - नृसिंहकवचं वक्ष्ये प्रह्ल...
रोज कवच स्तोत्राचे पठण केल्याने जीवन सुरक्षित बनते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्री महालक्ष्मी कवचम् - महालक्ष्याः प्रवक्ष्यामि ...
रोज कवच स्तोत्राचे पठण केल्याने जीवन सुरक्षित बनते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीगायत्रीपुरश्चरणपद्धतिः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीगायत्रीपुरश्चरणपद्धतिविषयानुक्रमणिका
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीगायत्रीपुरश्चरणपद्धतिप्रारंभः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ भूम्यादिदेवानामावाहनं पूजनञ्च
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ संक्षेपतः सार्वत्रिकी कुण्डमण्डपादीतिकर्तव्यता
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ कुण्डरचनाप्रकारः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ प्राच्योदीच्याङ्गसहितः प्रायश्चित्तप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ गोदानादिपूर्वोत्तराङ्गसहितः प्रायश्चित्तहोमः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ आज्येन प्रधानहोमः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथोत्तराङ्गप्रायचित्तम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ नूतनयज्ञोपवीतधारणविधिः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ गायत्रीपुरश्चरणमुहूर्तादिकम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
वृतानां ब्राह्मणानामपि धर्मा लक्षणानि च
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ पुरश्चरणलक्षणं युगभेदेन न्यूनाधिकजपसंख्याप्रकारश्च
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ गायत्रीपुरश्चरणभेदा होमद्रव्याणि च
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
निर्णयसंग्रहः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ कर्मारम्भप्रतिबन्धकनिमित्तनिर्णयः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्र्यादिसप्तवसोर्धारदेवतापूजनप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथाचाराद्वैश्चदेवसङ्कल्पः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथायुष्यमंत्रजपः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ साङ्कल्पिकनान्दीश्राद्धप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ आचार्याद्यृत्विग्वरणप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ वरणश्राद्धम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ आचार्यादीनां मधुपर्कार्चनप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ आचार्यादिपूजनपूर्वकप्रार्थनाप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ रेखाकरणं पूजनञ्च
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ स्थापनक्रमेण ब्रह्मादीनां पायसबलिदानम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
शिख्यादिवास्तुमण्डलदेवतापूजनप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथयोगिनीदेवतापूजनप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ जलयात्राप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ सप्तजलजीवस्थलमातृकाणां सागराणाञ्च स्थापनपूजनप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ इन्द्रादीनां पूजनपूर्वकबलिदानप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ पात्रासादनपूर्वकश्रीगायत्रीदेवीपूजनप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ भूतशुद्धिः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ प्राणप्रतिष्ठाप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ अजपाजपसङ्कल्पः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ अन्तर्मातृकान्यासः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ बहिर्मातृकान्यासः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ गायत्रीमहान्यासाः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
ततः श्रीगायत्रीदेव्या बहिःपूजामारभेत
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
गायत्रीकवचं
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ गायत्रीमन्त्रनित्यजपविधिः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ कुण्डस्थदेवतापूजनप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ पञ्चभूसंस्कारपूर्वकाग्नीप्रतिष्ठापनप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ वैकल्पिकपदार्थावधारणादिकम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ कुशकुण्डिकाप्रयोगः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ प्रधानहोमः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ होमदशांशेन तर्पणप्रयोगस्तर्पणदशांशेन मार्जनप्रयोगश्च
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ स्थापितदेवतानां होमः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ वास्तुमण्डलदेवतानां होमः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीमहाकालीमहालक्ष्मीमहासरस्वतीसमन्वितश्रीगजाननादिचतुःषष्टियोगिनीनां होमः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथैकपञ्चाशत्क्षेत्रपालदेवतानां होमः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ सर्वतोभद्रमण्डलदेवतानां होमः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीगायत्र्याः पीठदेवतानां होमः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ यन्त्रदेवतानां होमः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रेयःसंपादनादिकम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ अवभृथस्नानविधिः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ घृतपात्रदानादिकम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ देवताविसर्जनं पीठादिदानञ्च
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीसूर्याथर्वशीर्षम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीगायत्रीसहस्रनामावलिः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ गायत्रीध्यानम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीचाक्षुषोपनिषद्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीगायत्रीमानसपूजा
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीगायत्र्यपराधक्षमापनस्तोत्रम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीगायत्रीपुरश्चरणविधिः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ विश्वामित्रकृत श्रीगायत्रीकल्पः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीगायत्र्युपनिषत्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीगायत्रीपद्धतिः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीगायत्रीतत्त्वम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीगायत्रीकवचम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीगायत्रीपंजरस्तोत्रम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीगायत्रीस्तवराजः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीगायत्रीपटलम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अष्टाविंशतिगायत्र्यः
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीगायत्रीसहस्रनामस्तोत्रम्
श्रीगायत्री परां देवीं विप्रेभ्योऽभयदां मुदा ।वन्दे ब्रह्मप्रदां साक्षात्सच्चिदानंदरूपिणीम् ॥अनुक्रमणिका प्रमाणे वाचन करावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
इन्द्राणीसप्तशती
‘ इन्द्राणीसप्तशती ’ गाथेचा पाठ केल्याने इंद्राची स्तुती केल्याचे पुण्य मिळते.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: sa
-
इन्द्राणीसप्तशती - प्रथमं गायत्रं शतकम्
‘ इन्द्राणीसप्तशती ’ गाथेचा पाठ केल्याने इंद्राची स्तुती केल्याचे पुण्य मिळते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
इन्द्राणीसप्तशती - द्वितीयमौष्णिहं शतकम्
‘ इन्द्राणीसप्तशती ’ गाथेचा पाठ केल्याने इंद्राची स्तुती केल्याचे पुण्य मिळते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
इन्द्राणीसप्तशती - तृतीयमानुष्टुभं शतकम्
‘ इन्द्राणीसप्तशती ’ गाथेचा पाठ केल्याने इंद्राची स्तुती केल्याचे पुण्य मिळते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
इन्द्राणीसप्तशती - चतुर्थं बार्हतं शतकम्
‘ इन्द्राणीसप्तशती ’ गाथेचा पाठ केल्याने इंद्राची स्तुती केल्याचे पुण्य मिळते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
इन्द्राणीसप्तशती - पञ्चमं पाङ्क्तं शतकम्
‘ इन्द्राणीसप्तशती ’ गाथेचा पाठ केल्याने इंद्राची स्तुती केल्याचे पुण्य मिळते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
इन्द्राणीसप्तशती - षष्ठं त्रैष्टुभं शतकम्
‘ इन्द्राणीसप्तशती ’ गाथेचा पाठ केल्याने इंद्राची स्तुती केल्याचे पुण्य मिळते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
इन्द्राणीसप्तशती - सप्तमं जागतं शतकम्
‘ इन्द्राणीसप्तशती ’ गाथेचा पाठ केल्याने इंद्राची स्तुती केल्याचे पुण्य मिळते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
विद्यागणपतिवाञ्छाकल्पलता
हे स्तोत्र पठन केल्याने विद्या प्राप्त होते, म्हणून विद्यार्थ्यांकडून हे स्तोत्र पठन करून घ्यावे.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: sa
-
प्रथम: पर्याय:
हे स्तोत्र पठन केल्याने विद्या प्राप्त होते, म्हणून विद्यार्थ्यांकडून हे स्तोत्र पठन करून घ्यावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
द्वितीय: पर्याय:
हे स्तोत्र पठन केल्याने विद्या प्राप्त होते, म्हणून विद्यार्थ्यांकडून हे स्तोत्र पठन करून घ्यावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
तृतीय: पर्याय:
हे स्तोत्र पठन केल्याने विद्या प्राप्त होते, म्हणून विद्यार्थ्यांकडून हे स्तोत्र पठन करून घ्यावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
चतुर्थ: पर्याय:
हे स्तोत्र पठन केल्याने विद्या प्राप्त होते, म्हणून विद्यार्थ्यांकडून हे स्तोत्र पठन करून घ्यावे.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
सप्तकम्
सप्तकम्, देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या सप्त रचना.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीजगन्नाथसप्तकम्
सप्तकम्, देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या सप्त रचना.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीदयानन्दसप्तकम्
सप्तकम्, देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या सप्त रचना.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
धन्वन्तरिवन्दना
सप्तकम्, देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या सप्त रचना.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीनृसिंहसप्तकम्
सप्तकम्, देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या सप्त रचना.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीरेणुकासप्तकम्
सप्तकम्, देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या सप्त रचना.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीललितानीराजनसप्तकं
सप्तकम्, देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या सप्त रचना.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीशरभ निग्रहदारुण सप्तकम्
सप्तकम्, देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या सप्त रचना.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीनटराजहृदयभावनासप्तकम्
सप्तकम्, देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या सप्त रचना.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
सप्तरत्नम्
सप्तकम्, देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या सप्त रचना.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीसरस्वतीसप्तकम्
सप्तकम्, देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या सप्त रचना.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
स्तोत्रः
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.In Hinduism, a Stotra is a hymn of praise, that praise aspects of Devi and Devtas. Stotras are invariably uttered aloud and consist of chanting verses conveying the glory and attributes of God.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: sa
-
कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ मानसपूजा
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ दत्तस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीनवार्णमंत्रस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीअन्नपूर्णास्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ रेणुकास्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ रेणुकास्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्री हनूमदष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ अमरापुरस्थं श्रीअमरेश्वदेवतादिध्यानम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
ध्यानं द्वितीयस्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ श्रीगुरुपरम्परा
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीदत्तश्रीपादश्रीनृसिंहसरस्वतीस्त्रोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
प्रात:स्मरणं
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ मानसिकस्नानम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीगुरुदत्तात्रेयस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीनृसिंहवाटिकावर्णनम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीनामदेवस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथामरेश्वरदत्तगुरुस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अथ विठ्ठलस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
सर्वतीर्थस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
नवयोगीन्द्रनाथस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
नवयोगीन्द्रपंचकस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
पुण्यपत्तने मूलामुठास्तुति:
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
आळंदीस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
तुकारामार्या
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
देवीस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीव्यासपूजास्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीमद्भगवत्पूज्यपादस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीवेदव्यासस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अनसूयास्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
नर्मदास्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अमरेश्वरस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
नामदेवस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीवेदगङ्गास्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भिवापुरस्थश्रीसोमश्वशरस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीमरुद्गंगाकाशीस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीरामटेकस्थरामस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीरामदासस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
रामदासपंचायतनम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
चीमूरस्थकेशवदेवेश्वरस्तोत्रपंचकम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीकेशवस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
एकनाथस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अमोघानदीस्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
यमुनास्तोत्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीगुरुस्तोत्र
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
मारुति नामानि
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीवासुदेवानंदसरस्वतीचरित्रम्
श्री प. प. नृसिंहसरस्वतीदीक्षितस्वामीमहाराज कृतस्तोत्रादिसंग्रह:
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
नारायणगुरुविरचितानि स्तोत्राणि
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: INDEX | Rank: 1 | Lang: sa
-
स्तोत्रक्रियाः
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
विनायकाष्टकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीवासुदेवाष्टकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
विष्ण्वष्टकं
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भद्रकाल्यष्टकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
षाण्मातुरस्तवम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
गुहाष्टकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
बाहुलेयाष्टकं
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
चिदंबराष्टकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
जातिनिर्णयम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
धर्मः
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
आश्रमम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
मुनिचर्यापञ्चकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अध्यारोपदर्शनम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अपवाददर्शनम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
असत्यदर्शनम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
मायादर्शनम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भानदर्शनम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
कर्मदर्शनम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
ज्ञानदर्शनम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भक्तिदर्शनम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
योगदर्शनम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
निर्वाणदर्शनम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
ब्रह्मविद्या पञ्चकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
निर्वृतिपञ्चकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्लोकत्रयी
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
होममन्त्रम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
वेदान्तसूत्रम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
समाधि श्लोकौ
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अमरेश्वरस्तोत्र - जगज्जन्महेतुं दयापूर्णसिन...
स्तोत्र म्हणजेच देवीदेवतांची स्तुती.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीअमरापुरक्षेत्रमाहात्म्यस्तोत्र - प्रयाग: संगम: ख्यत: काशिक...
स्तोत्र म्हणजेच देवीदेवतांची स्तुती.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
अमरूशतकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.In Hinduism, a Stotra is a hymn of praise, that praise aspects of Devi and Devtas. Stotras are invariably uttered aloud and consist of chanting verses conveying the glory and attributes of God.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
श्रीअङ्गारकाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.In Hinduism, a Stotra is a hymn of praise, that praise aspects of Devi and Devtas. Stotras are invariably uttered aloud and consist of chanting verses conveying the glory and attributes of God.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भल्लटशतकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.In Hinduism, a Stotra is a hymn of praise, that praise aspects of Devi and Devtas. Stotras are invariably uttered aloud and consist of chanting verses conveying the glory and attributes of God.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
नागराजकृत भावशतकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.In Hinduism, a Stotra is a hymn of praise, that praise aspects of Devi and Devtas. Stotras are invariably uttered aloud and consist of chanting verses conveying the glory and attributes of God.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
नीतिशतकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.In Hinduism, a Stotra is a hymn of praise, that praise aspects of Devi and Devtas. Stotras are invariably uttered aloud and consist of chanting verses conveying the glory and attributes of God.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
योगशतकम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.In Hinduism, a Stotra is a hymn of praise, that praise aspects of Devi and Devtas. Stotras are invariably uttered aloud and consist of chanting verses conveying the glory and attributes of God.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
ककारादिकालीशतनामस्तोत्रम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.In Hinduism, a Stotra is a hymn of praise, that praise aspects of Devi and Devtas. Stotras are invariably uttered aloud and consist of chanting verses conveying the glory and attributes of God.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa
-
भक्तिस्तोत्रम्
देवी देवतांची स्तुती करताना म्हणावयाच्या रचना म्हणजेच स्तोत्रे. स्तोत्रे स्तुतीपर असल्याने, त्यांना कोणतेही वैदिक नियम नाहीत. स्तोत्रांचे पठण केल्याने इच्छित फल प्राप्त होते.In Hinduism, a Stotra is a hymn of praise, that praise aspects of Devi and Devtas. Stotras are invariably uttered aloud and consist of chanting verses conveying the glory and attributes of God.
Type: PAGE | Rank: 1 | Lang: sa