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पिंगळा महाद्वारीं बोली बो...

भारुड - पिंगळा महाद्वारीं बोली बो...

भारुड Bharude is a kind of satirical form of presenting the faults of lay human beings. It was started by Eknath who is revered as a saint.

भारुड - पिंगळा

पिंगळा महाद्वारीं बोली बोलतो देखा । डौर फिरवितो डुगडुग ऐका ॥ध्रु०॥

वरल्या आळीला तुम्ही सावध रहावें । पाटीलबुवाला मग लावून सवें । चिठी येईल बा मग पडेल ठावें ॥ १ ॥

मधल्या आळीला एक बायको फिरे । तिजला तुम्ही साधा मग पडेल पुरें । नाहीं तरी पाटलोबा तिचीं पळतील गुरें ॥ २ ॥

आणिक एक वारे सुटेल तांतडी । पाटीलबुवाची मग पडेल माडी । तिचीं पांच पोरें लागतील देशोधडी ॥ ३ ॥

आणिक एक ऐका कैंचें नवल झालें । गांवच्या पांड्यानीं पाटलास नागविलें । सार्‍या कागदाचे शून्य एकच केलें ॥ ४ ॥

हिंडतां फिरतांना एक शकुन सांग । त्याच्या सत्तेनें ह्या आळीस वागे । संतांघरचा बा एक तुकडा मागे ॥ ५ ॥

हें जरी न ऐकाल तरी दुसरा येईल । सरते शेवटीं या काळ बांधुन नेईल । एका जनार्दनीं बा आमुचें काय जाईल ॥ ६ ॥

Translation - भाषांतर
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Last Updated : 2007-12-13T21:26:06.0030000

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महामौद्गलायन (महामोग्गलान)

  • n. गौतम बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों में से एक । इसका जन्म राजगृह के समीप कोलितग्राम में हुआ था, जिस कारण इसे ‘ कोलित ’ नाम प्राप्त हुआ था । यह जन्म से ब्राह्मण था, एवं इसकी माता का नाम मौद्गलायनी (मोग्गलानी) था । गौतमबुद्ध का अन्य एक शिष्य सारीपुत्त इसके ही ग्राम का रहनेवाला था, एवं इसका परम मित्र था । इसका पिता कोलितग्राम का ग्रामप्रमुख था, एवं इसी कारण अत्यंत श्रीमान् था । किन्तु बाल्यकाल से ही अत्यंत विरक्त होने के कारण, इसने एवं सारीपुत्त ने संन्यास लेने का निश्चय किया, एवं ये दोनों संजय नामक ऋषि के शिष्य बन गये । किन्तु मनः शांति प्राप्त न होने पर ये दोनों जंबुद्वीप्ज में आदर्श गुरु की खोज में घूमते रहे । अंत में राजगृह में स्थित वेलुवन में इनकी गौतम बुद्ध से भेंट हुई । पश्चात् ये उसके शिष्य बन गये, एवं बुद्ध ने इन दोनों को अपने प्रमुख शिष्य के नाते नियुक्त किया । बुद्ध के शिष्यों में यह अपने सिद्धि (इद्धि) के कारण, एवं सारीपुत्त अपने संभाषणकौशल्य के कारण विशेष सुविख्यात थे । कालशिला नामक ग्राम में र्निग्रंथ नामक लोगों के द्वारा यह मारा गया । इसकी मृत्यु सारीपुत्त के मृत्यु से दो हप्ते बाद हुई [सारथ्थ. ३.१८१] 
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Category : Hindu - Traditions
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