TransLiteral Foundation
Don't follow traditions blindly or don't assume a superstition either.
Don't be intentionally ignorant. Ask us!! Make Informed Religious Decisions!!
मराठी मुख्य सूची|मराठी साहित्य|भारुडे|
सुनो संत सज्जन भाई । हम त...

भारूड - सुनो संत सज्जन भाई । हम त...

Bharude is a kind of satirical form of presenting the faults of lay human beings. It was started by Eknath who is revered as a saint.


गारुड
सुनो संत सज्जन भाई । हम तो निराकारके गारुडी आया है ।
हमारे उप्पर संतकी नवाई । इस कलजुगमें पैदा हुवे ॥१॥
ये देखो खेल खेलत रस्तेमें । सब आलम दुनिया देखत है ।
आबे चल अहां हांडीबाग । जरा प्रेमका ढोल बजाव ।
लग लग लग लग ॥२॥
पहिले तो छे साप निकालू मैदानमें ।
बडे बडे अजगर उसके नाम बताउ ।
काम क्रोध मद मत्सर दंभ अहंकार ॥३॥
अबे चल ये साबने बडे बडेकूं डंक मारा ।
भस्मासुर तो भसम कर दिया । पराशर तो ढीवरनके पिछे लगा ।
इंद्रकी तो भगांकित हो गई काया ।
महादेव तो भिल्लिनके पिछे लगा । विष्णु तो वृंदा देखकर घबराया ।
ब्रह्मदेव तो सरस्वतीपर ख्याल किया । ऐसे साप कठिण है ॥४॥
अ ब ब ब । अज्ञानके पेटीमें भरे है ।
निकालु समाल बे डंक मारे गा । ये हात डाला ॥५॥
डंक माराबे डंक मारा । हाय बडी वेदना होती है ।
आबी जान जाती है । तुजकू क्या बताऊं ।
आबी उतारनेवाला कोण बुलावूं । सुनो मेरे पास सदगुरुका मोहरा है ।
प्रेमका बनाऊ सान । बोधका बनाऊ पानी ।
भक्तीके बैठु दरबारमें । आबी लगाऊ घसके ।
तो सबे जहर उतारु ॥६॥
अबी भक्ती नागीन निकालु । इस नागनसे बडे बडे खेल खेलत ते ।
शुक याज्ञवल्क्य दत्त कपिलमुनि ऐसें खेल खेलते ते ॥७॥
आबे हांडीबाग । आहांजी तेरेकु कुच याद है ।
हांजी । ये देखो पहिले ता मारु फुक ।
आबी बनाऊ एक । एक क्या है ।
एक तो निराकार भगवान है । दो क्या है ।
ब्रह्ममें माया । मायामें ब्रह्म । तीन क्या है ।
तीन तो ब्रह्मा विष्णु महेश हैं ।
चार क्या है । चार तो बेद है । पांच क्या है ।
पांच तो पंचभूत आत्मा है । छे क्या है ।
छे तो शास्त्र है । सात क्या है ।
सात तो सप्तपाताल है । आठ क्या है ।
आठ तो आठ प्रकृती है । नऊ क्या है ।
नऊ तो नवविधा भक्ती है । दस क्या है ।
दस तो दस अवतार है । ग्यारा क्या है ।
ग्यारा क्या है । ग्यारा तो रुद्र है ।
बारा क्या है । बारा तो सूर्यकी कला है ।
तेरा क्या है । तेरा तो कछपक्या रान्या है ।
चवदा क्या है । चवदा तो तल है ।
पंधरा क्या है । पंधरा तो तिथी है ।
ऐसा एका जनार्दनीं खेल । भक्ती पुरस लगाया मेल ॥८॥

Translation - भाषांतर
N/A

References : N/A
Last Updated : 2013-11-10T18:30:00.9600000

Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.

तिरस्थळी

  • स्त्री. १ काशी , प्रयाग , गया या तीन क्षेत्रांची यात्रा . २ ( ल . ) इकडून तिकडे होणारे निरर्थक हेलपाटे ; त्रासदायक व व्यर्थ प्रवास . ३ वरचेवर लागणार्‍या पदार्थाची व स्थलांची पांगापांग व गैरसोईची स्थिति ; कामाची दाणादाण . ४ मनाची अस्थिरता , चंचलपणा . उदा० मी काल येऊन पोंचलो पण अजून माझी तिरस्थळी आहे . [ सं . त्रि + स्थळ ] ( वाप्र . ) 
  • ०ची - स्त्री . काशी , प्रयाग व गया या क्षेत्रांची यात्रा ( ल . ) दूरदूरच्या व गैरसोईच्या ठिकाणी पांगलेले काम . 
  • तिरस्‍थळी यात्रा 
  • यात्रा - स्त्री . काशी , प्रयाग व गया या क्षेत्रांची यात्रा ( ल . ) दूरदूरच्या व गैरसोईच्या ठिकाणी पांगलेले काम . 
More meanings
RANDOM WORD

Did you know?

गणपतीचे प्रकार किती व कोणते?
Category : Hindu - Traditions
RANDOM QUESTION
Don't follow traditions blindly or ignore them. Don't assume a superstition either. Don't be intentionally ignorant. Ask us!!
Hindu customs are all about Symbolism. Let us tell you the thought behind those traditions.
Make Informed Religious decisions.

Featured site