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  • श्रीवामनपुराण
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अघ्याय ६९
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ७०
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ७१
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ७२
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ७३
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ७४
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ७५
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ७६
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ७७
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ७८
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ७९
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ८०
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ८१
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ८२
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ८३
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ८४
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ८५
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ८६
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
  • श्रीवामनपुराण - अध्याय ८७
    श्रीवामनपुराणकी कथायें नारदजीने व्यासको, व्यासने अपने शिष्य लोमहर्षण सूतको और सूतजीने नैमिषारण्यमें शौनक आदि मुनियोंको सुनायी थी ।
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  • न. गोळा करणें ; एकत्र जमविणें ; रास करणें . संचय ; संग्रह . - पु . १ अग्निचिति ; अग्निष्टोमादि सोमयज्ञास जोडून करावयाचें एक श्रौतकर्म . यांत विशिष्ट आकाराच्या विटा तयार करून त्या श्येन , कूर्म इ० आकाराच्या मांडून त्याची वेदी करून त्या श्येन , कूर्म इ० आकाराच्या मांडून त्याची वेदी करून त्यावर याग करावयाचा असतो . २ अशा प्रकारचा यज्ञ . [ सं . ] 
  • स्त्री. १ चैन ; स्वत : स रंजविणें ; बागांतून फिरणें ; भ्रमण करणें ; भटकणें ; सहल करणें ; खेळांत , क्रीडेंत विविध करमणुकींत दंग असणें ; मजा मारणें इ० ; मजा ; गंमत ; चैन पहा . २ विश्रांति ; आराम ; सुख ; स्वास्थ्य . [ चैन ] 
  • ०पडणें चैन पडणें - आराम वाटणें . 
  • n  Collecting, gathering, heaping up. 
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नमस्कार कोणी कोणास कसा करावा ?
Category : Hindu - Beliefs
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