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मुकुन्द मुक्तावली
"मुकुन्द मुक्तावली" (Mukunda Muktavali) एक प्रसिद्ध स्तोत्र आहे जे भगवान कृष्णाला समर्पित आहे.
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मुक्तावली
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दिनकरी
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
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carcanet
Meanings: 2; in Dictionaries: 2
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वैशेषिकसूत्र
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
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garland
Meanings: 6; in Dictionaries: 4
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रौद्री
Meanings: 12; in Dictionaries: 3
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necklace
Meanings: 2; in Dictionaries: 2
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भिक्षाटनकाव्यम् - अष्टाविंशी पद्धतिः
प्रस्तुत ग्रंथ शके १८३६ यावर्षी कै. गुरूभक्त व्यंकटरमणा मच्छावार यांनी प्रसिद्ध केला होता.
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भिक्षाटनकाव्यम् - एकविंशी पद्धतिः
प्रस्तुत ग्रंथ शके १८३६ यावर्षी कै. गुरूभक्त व्यंकटरमणा मच्छावार यांनी प्रसिद्ध केला होता.
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मुमुक्षुवैराग्यप्रकरणम् - सर्ग पंधरावा
‘ योगवासिष्ठ ’ एक प्राचीन ग्रंथ. Yoga Vasistha is famous as one of the historically popular and influential texts of Hinduism.
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मनुष्यवर्गः - श्लोक ७३१ ते ७७०
अमरकोश में संज्ञा और उसके लिंगभेद का अनुशासन या शिक्षा है। अन्य संस्कृत कोशों की भांति अमरकोश भी छंदोबद्ध रचना है।
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वैराग्यप्रकरणम् - सर्गः १५
योगवासिष्ठः
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ठाकुर प्रसाद - दशम स्कन्ध (उत्तरार्ध)
ठाकुर प्रसाद म्हणजे समाजाला केलेला उपदेश.
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मन्दाकिनी
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string
Meanings: 28; in Dictionaries: 8
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शृङ्गारप्रवाहः - सुभाषित १००१ - १०२०
सुभाषित म्हणजे आदर्श वचन. सुभाषित गद्य किंवा पद्यात असतात. Subhashita means good speech.
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श्रीकृष्ण माधुरी - पद ८६ से ९०
इस पदावलीके संग्रहमें भगवान् श्रीकृष्णके विविध मधुर वर्णन करनेवाले पदोंका संग्रह किया गया है, तथा मुरलीके मादकताका भी सरस वर्णन है ।
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मत्स्यपुराणम् - अध्यायः १६२
मत्स्य पुराणात सात कल्पांचे वर्णन असून हे पुराण नृसिंह वर्णनापासून सुरू होते.
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कुलदेवता, ग्रामदेवता, स्थानदेवता, संकल्प
मूळ, आश्लेषा आणि ज्येष्ठा नक्षत्राच्या कोणत्याही चरणावर जन्मलेल्या बालकाची ब्राम्हणाकडून मंदिरात शांती करून घ्यावी. Performing yagna to the birth star will help the people to safeguard the life from worries and bad days.
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निर्वाणप्रकरणं - सर्गः ९३
योगवाशिष्ठ महारामायण संस्कृत साहित्यामध्ये अद्वैत वेदान्त विषयावरील एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ आहे. ह्याचे रचयिता आहेत - वशिष्ठ
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स्कंध १० वा - अध्याय ३५ वा
सर्वमतखंडन आणि ब्रह्मविद्यारहस्य
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नागरखण्डः - अध्याय १११
भगवान स्कन्द (कार्तिकेय) ने कथन केल्यामुळे ह्या पुराणाचे नाव 'स्कन्दपुराण' आहे.
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दासोपंताची पदे - पद १४४१ ते १४६०
दासोपंतांच्या वंशजांचीं घराणीं हल्लीं जोगाईच्या आंब्यास व नागपुरप्रांतीं चंद्रपुराकडे नांदत आहेत. ॐ श्रीमदादिगुरवे सर्वज्ञाय स्वपक्षपालाय नमः ॥
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रघुवंश - त्रयोदश: सर्ग:
महाकवी कालिदासाने ’रघुवंश ’ या महाकाव्यातील एकोणीस भागात राजा दिलीप , त्याचा पुत्र रघु , रघुचा पुत्र अज , अजचा पुत्र दशरथ , दशरथाचा पुत्र राम आणि त्याचे पुत्र लव आणि कुश यांचे चरित्र वर्णन केले आहे .
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उत्पत्तिप्रकरणं - सर्गः ६७
योगवासिष्ठः
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कृतयुगसन्तानः - अध्यायः ४९८
लक्ष्मीनारायणसंहिता
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निर्वाणप्रकरणं - सर्गः ८१
योगवाशिष्ठ महारामायण संस्कृत साहित्यामध्ये अद्वैत वेदान्त विषयावरील एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ आहे. ह्याचे रचयिता आहेत - वशिष्ठ
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श्रीगोपालसहस्रनामस्तोत्रम्
हिंदू देवदेवतांची सहस्त्र नावे, स्तोत्र रूपात गुंफलेली आहेत. Sahastranaamastotra is a perticular stotra in which, the 1000 names of hindu Gods are introdused.
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श्री गोपाल सहस्त्रनामस्तोत्रम्
हिंदू देवदेवतांची सहस्त्र नावे, स्तोत्र रूपात गुंफलेली आहेत. Sahastranaamastotra is a perticular stotra in which, the 1000 names of hindu Gods are introdused.
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मित्र लाभः - कथा ३
हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
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सखीप्रकरणं
रूपगोस्वामी ह्या महान विद्वानाने रचलेला महान् ग्रंथ उज्ज्वलनीलमणिः होय.
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श्रीकृष्णसूक्तिः
भगवान के प्रती सूक्ति मे श्रवण-सुखद,सुन्दर शब्दविन्यास और प्रसाद माधुर्य आदि गुणोंसे समन्वित सारभूत श्लोकोंका संचय किया जाता है।
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दीपप्रकाश - दशम किरण
Shri Madhavnath Maharaj (1857–1936) was a Hindu saint, of Karvi, Chitrakoot, Madhya Pradesh, who continued the Nath Sampradaya of the famous Navnaths in India.
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चिद्बोधरामायण - षष्ठ सर्ग
बालकांड निरंजन माधवांच्या कवितेतील काव्यस्फूर्ति उच्च दर्जाची असून, भाषेत रसाळपणा व प्रसाद सोज्वळता आहे.
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सामरहस्योपनिषत्
उपनिषद् हिन्दू धर्माचे महत्त्वपूर्ण श्रुति धर्मग्रन्थ आहेत. Upanishad are highly philosophical and metaphysical part of Vedas.
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