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महाभूतविवेक प्रकरणम् - श्लोक ८६ ते ९०
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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महाभूतविवेक प्रकरणम् - श्लोक ९१ ते ९७
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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महाभूतविवेक प्रकरणम् - श्लोक ९८ ते १००
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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महाभूतविवेक प्रकरणम् - श्लोक १०१ ते १०६
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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महाभूतविवेक प्रकरणम् - श्लोक १०७ ते १०९
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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श्रीहरिगीता - पंचकोशविवेक प्रकरणम्
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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पंचकोशविवेक प्रकरणम् - आरंभ
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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पंचकोशविवेक प्रकरणम् - श्लोक १ ते ३
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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पंचकोशविवेक प्रकरणम् - श्लोक ४ ते ६
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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पंचकोशविवेक प्रकरणम् - श्लोक ७ ते १०
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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पंचकोशविवेक प्रकरणम् - श्लोक ११ ते १५
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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पंचकोशविवेक प्रकरणम् - श्लोक १६ ते २१
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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वामन पंडित - श्रीहरिगीता
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते
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वामन पंडित
वामन पंडितांच्या काव्य रचना म्हणजे मराठी काव्य प्रकारातील मैलाचे दगड होत.
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वामन पंडित - कर्मतत्व
'कर्मतत्व' काव्यात वामनपंडितांनी कर्माचे महत्व भावपूर्णतेने सांगितले आहे.
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वामनपंडित कृत स्फुट काव्यें
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते.
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वामन पंडित - साम्राज्यवामनटीका
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते
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साम्राज्यवामनटीका - श्लोक १ ते २०
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते
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साम्राज्यवामनटीका - श्लोक २१ ते ४०
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते
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साम्राज्यवामनटीका - श्लोक ४१ ते ६०
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते
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साम्राज्यवामनटीका - श्लोक ६१ ते ८०
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते
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साम्राज्यवामनटीका - श्लोक ८१ ते १००
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते
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साम्राज्यवामनटीका - श्लोक १०१ ते १२०
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते
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साम्राज्यवामनटीका - श्लोक १२१ ते १४०
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते
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साम्राज्यवामनटीका - श्लोक १४१ ते १५५
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते
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वामन पंडित - राजयोग
वामन नरहरी शेष उर्फ वामन पंडित (इ.स.१६३६ ते १६९५) हे १७ व्या शतकात होऊन गेलेले प्रख्यात मराठी कवी होते
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वामन पंडित - शुकाष्टक
कवी वामनपंडितांचे काव्य वाचन म्हणजे स्वर्गीय सुख.
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वामन पंडित - स्फूटश्लोक
कवी वामनपंडितांचे काव्य वाचन म्हणजे स्वर्गीय सुख.
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वामन पंडित - गीतार्णव
कवी वामनपंडितांचे काव्य वाचन म्हणजे स्वर्गीय सुख.
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वामन पंडित - चरमगुरुमंजरी.
कवी वामनपंडितांचे काव्य वाचन म्हणजे स्वर्गीय सुख.
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वामन पंडित - वामनचरित्र
कवी वामनपंडितांचे काव्य वाचन म्हणजे स्वर्गीय सुख.
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वामन पंडित - विश्वास वध
कवी वामनपंडितांचे काव्य वाचन म्हणजे स्वर्गीय सुख.
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वामन पंडित - दंपत्य चरित्र
कवी वामनपंडितांचे काव्य वाचन म्हणजे स्वर्गीय सुख.
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वामन पंडित - यज्ञपत्न्याख्यान
कवी वामनपंडितांचे काव्य वाचन म्हणजे स्वर्गीय सुख.
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वामन पंडित - भामाविलास
कवी वामनपंडितांचे काव्य वाचन म्हणजे स्वर्गीय सुख.
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वामन पंडित - चित्सुधा
कवी वामनपंडितांचे काव्य वाचन म्हणजे स्वर्गीय सुख.
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वामन पंडित - गजेंद्र मोक्ष
कवी वामनपंडितांचे काव्य वाचन म्हणजे स्वर्गीय सुख.
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