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संत तुकडोजी आरती

संत तुकडोजी आरती

जनसेवा हीच ईशसेवा मानणारे तुकडोजी महाराज हे समाजसुधारक संत होते .


जय जय सतगुरु दीनदयाल दरससे हर्ष भयो ॥
लाखो जन्म कारे पुन जाके , तब पाए महाराज
धन्य भये हम आज मिले तुम , सिद्ध भये सब
काज॥१॥
… टूट गयो अज्ञान अँधेरा , छायो बोध
प्रकाश … रूप तुम्हारा नजरमो भायो, पाप भये सब
नाश॥२॥
… किसविध महिमा गाऊ तुम्हारी बानी न
पहुचे जाय.
तन मन धनसे करू आरती,हिरदय बिच बसाय ॥३॥
चौदाभुवन प्रकाश तुम्हारा , ध्वजा खड़ी चाहुधाम .
स्वर्ग मृत्यु पटल तिहु से, तुम्ही हो उपराम ॥४॥
ये तन थल नयन की बाती , तर सदा उजराय .
तुकड्यादास दरस का भुखा ,यही पद हरदम पाय ॥

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Last Updated : August 24, 2026

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