मराठी मुख्य सूची|मराठी पुस्तके|टीका| नानक टीका आरंभ श्लोक १ ते ४ श्लोक ५ श्लोक ६ श्लोक ७ श्लोक ८ श्लोक ९ श्लोक १० श्लोक ११ व १२ श्लोक १३ श्लोक १४ श्लोक १५ श्लोक १६ श्लोक १७ श्लोक १८ श्लोक १९ श्लोक २० श्लोक २१ श्लोक २२ श्लोक २३ श्लोक २४ श्लोक २५ श्लोक २६ श्लोक २७ श्लोक २८ श्लोक २९ श्लोक ३० श्लोक ३१ श्लोक ३२ श्लोक ३३ श्लोक ३४ श्लोक ३५ श्लोक ३६ श्लोक ३७ श्लोक ३८ श्लोक ३९ श्लोक ४० श्लोक ४१ श्लोक ४२ श्लोक ४३ श्लोक ४४ श्लोक ४५ आरती एकनाथाची अथ चिरंजीवपदप्रारंभः नानक नानक एकनाथमहाराज कृत - चतुःश्लोकी भागवत Tags : bhagvatekanathsantएकनाथभागवतसंत नानक Translation - भाषांतर आलख निरंजन नानक आया । नेकी करना आछा है ॥१॥ फेक पैसा फेक यारो । फेक पैसा फेक ॥ध्रु० ॥माया झोली निरगुण सैली । नाम माला जपता है ॥२॥समकी टोपी दमकी कफनी । त्रिगुण बभूत चढाई है ॥३॥जीव शीव दोनो कुंडल पेर्हे । अनुहत टिपरी बजावत है ॥४॥कामक्रोधकी गर्दन मारी । बोध खंडा झळकत है ॥५॥प्रेमकटारी लियी हाइमों । लवंडी माया डरती है ॥६॥वैराग्य भालापडे उजाला । संसारमो तो फत्तर है ॥७॥तो भवनमां सौदाबेंचे । आशा मनशा धरता है ॥८॥फेर चौर्यांशीं आयी यारो । मूपर जूता खाता है ॥९॥चारो बरनमो ब्रह्मण बडा । घर घर कथा करता है ॥१०॥नाम बेचकर दामलेते । उसकी करनी हराम है ॥११॥फकीर होकर फिकीर करिता । उसका मूं काला है ॥१२॥नाथपंथकी मुद्रा डाली । जगमें सिगी बजावत है ॥१३॥सिंगी नादकुं औरत भूला । वोबी लवंडा झूटा है ॥१४॥संन्यास लिया आशा बढाया । मीठा खाना मंगता है ॥१५॥भुल गया अल्लाका नाम यारो । ज्यमका सोटा बजता है ॥१६॥शेटे सावकार माल खजीना । उनमें मगन रेहेता है ॥१७॥जोरू लडके कोई नही साती । आखर मूमें मट्टी है ॥१८॥मान भाव बनेके काला पैने । छानकर पानी पीता है ॥१९॥आत्म ग्यानकूं चोर लुटत है । वोबी सच्चा गद्धा है ॥२०॥शंख बजावत जंगम आया । घर घर लेकर फिरता है ॥२१॥पेटखातर शिवकू बेंचे । वोबी लवंडा कुत्ता है ॥२२॥गोसावी बडा भगवा आवे । जटा बढाकर रहेता है ॥२३॥साहा चोरकु जगा देकर । उसके फंदमें फिरता है ॥२४॥साहा फेंकेसो सादु बनेगा । नही तो यारो गव्हार है ॥२५॥फेक आशा फेक मनशा । निंदा फेंके सोजोगी है ॥२६॥परधन फेक दुजी औरत फेंक । न फेंकेसो चांडाल है ॥२७॥दंभमान फेक मीपन फेक । न फेंकेसो नकटा आंधा है ॥२८॥साही शास्त्र आठरा पुरान । चारो बेद पढता है ॥२९॥माबाप तो कासी तीरथ । उसकूं गाली देता है ॥३०॥साधुसंत घरकु आये । उजकूं तेडा बोलता है ॥३१॥दीवाना उसका बाप यारो । हात जोडकर रहेता है ॥३२॥नाम अल्लाका कथा सुन्नेकी । व्हा मुरगी का सोता है ॥३३॥कामका कुत्ता कसबीन घरमें । सारी रातदीन जागत है ॥३४॥कामका कुत्ता कसबीन घरमें । सारी रातदीन जागत है ॥३५॥एकदिन आना एकदिन जाना । दोदिनका सब बजार है ॥३६॥इस नगरीमे सेटे सावकार । बडे मतलबी रहेते है ॥३७॥नामकी जोडी करले यारो । चौर्यांयशीं बेडी तुटती है ॥३८॥तेरे नगरीमे नानक आया । पैसा टक्का कूच मंगता नही है ॥३९॥भक्ती रोटी भावका सालन । देना मेरेकू सच्या है ॥४०॥एका जनार्दनीं शाही हमारा । नानक उनका बंदा है ॥४१॥मोक्ष निशानी लियी हातमो । वैकुंठधाम पढता है ॥४२॥सिरमे टोपी गलेमे सैली । कफनी दाला देख ॥१॥फेक दाम फेक । मुजे फेक दाम फेक ॥ध्रु०॥निराकार नाम एक । हामने लिया भेक ॥२॥सोहंकितो नौबत बाजे । बिरला ज्यानें एक ॥३॥शमदमके तो सोट बाजे । कुफर भागा देख ॥४॥बडानुग्रह देतां नही । नसकु फत्तर देख ॥५॥बडा सुम ओले नहीं । जुता खडा देख ॥६॥घुसा आया कपडा जलाया । आग लगी देख ॥७॥ग्यानोबा ग्यानोका घर । गलेमो सिंगी सैली देख ॥८॥पैठणमै तो मुजे बेद । रेडा बुलावे देख ॥९॥पैठण होकर घरकूं चले । पुशुकु समाद दिया देख ॥१०॥ग्यानोबा विष्णूका अवतार । दर वाजे सुन्नका पिंपल देख ॥११॥निवृत्ति अवतार बावा आदमका । पहाडमो समाद लिया देख ॥१२॥सोपान देव तो ब्रह्मा भया । भागिर्थी लाया देख ॥१३॥चांगदेव तो मिलने आया । दिवाल चलाया देख ॥१४॥और नानक नामा दरजी । देव भुलाया देख ॥१५॥और नानक कबीर हुवा । दुजा कमाल देख ॥१६॥बडे नानक सांवता माळी । पेंट चिरा देख ॥१७॥और नानक सज्जन कसाई । भजनेकू सालीग्राम देख ॥१८॥गोरोबा कुंभार नानक हुवा । हात तोडे देख ॥१९॥ननका घर दादु पिंजारी । नाम जपता एक ॥२०॥एक नानक प्रल्हाद हुवा । बापकु मरवाया देख ॥२१॥नानका घर बिभिषण हुवा । कुल डुबाया देख ॥२२॥और नानक विसोबा खेंचर । तनके शाम देख ॥२३॥बडे शहाणे नरहरी सोनार । सीरपर लिंग देख ॥२४॥रोहिदास चंभार सब कुच जाणें । कठोर गंगा देख ॥२५॥सेना नानक पूजा करिता । देवने धोकटी लिया देख ॥२६॥चोखोबानें देव बटलाया । शिवाल पडकी देख ॥२७॥ऐसे नानक बहुत हुवे । अंत न लगे देख ॥२८॥ऐसे नानक नाम जपके । वैकुंठ जावे देख ॥२९॥कासी गया प्रयाग गया । कर्वत लिया देख ॥३०॥मथुरा गया द्वारका गया । छापा लिया देख ॥३१॥उसका नाम लेवे नही तो । दोष लागे देख ॥३२॥उसके नाम जपके । वैकुंठ चढे देख ॥३३॥ एकनाथ तो एकहि जाने । एका जनार्दनीं देख ॥३४॥अल्ला रखे गा वैसाभी रहना । मौला रखेगा वैसाभी रहेना ॥ध्रु०॥कोई दिन सीहपर छतर उदावे । कोई दिन सीरपर घडा जढावे । कोई दिन तुरुंग उपर जढावे । कोई दिन पावस खासा चलावे ॥अल्ला०॥१॥कोई दिन शक्कर दूध मालिदा । कोई दिन अल्ला मागत गदा । कोई दिन सेवक हात जोड खडे । कोई दिन नजीक न आवे धेडे ॥अल्ला०॥२॥कोई दिन राजा बडा अघिकारी । एक दिन होये कंगाल भिकारी । एकाजनार्दनीं करत करतारी । गाफल केंव करता मगरूरी ॥अल्ला०॥३॥ N/A References : N/A Last Updated : August 03, 2017 Comments | अभिप्राय Comments written here will be public after appropriate moderation. Like us on Facebook to send us a private message. TOP