मराठी मुख्य सूची|भारतीय शास्त्रे|वैद्यक शास्त्र|व्याधिविनिश्चय : उत्तरार्ध| खण्ड दुसरा| मज्जवह, शुक्रवह, मलवह स्त्रोतसें|
विषयानुक्रम

प्रकरण सातवे - विषयानुक्रम

धर्म, अर्थ, काम आणि मोक्ष या चतुर्विध पुरूषार्थांच्या प्राप्तीकरितां आरोग्य हे अत्यंत आवश्यक असते.


मज्जवहस्त्रोतस

शिरोभिघात
निद्रा
उदावर्त
तंद्रा
ग्लानी
क्लम
भ्रम
मद
मूर्च्छा
संन्यास
अतत्वाभिनिवेश
अपस्मार
उन्माद
धनुस्तंभ
अपतंत्रक
अपतानक
आक्षेपक
मन्यास्तंभ
अर्दित
पक्षवध
खंज
पंगु
कलायखंज

गृध्रसी

विश्वाची
खल्ली
हनुस्तंभ
जिह्वास्तंभ
मूक
मिन्मिन
गद्‍गद्‍
अंसशोष
अवबाहुक
वेपथु
कंप
पादहर्ष कुब्ज
आवृतवात

शुक्रवहस्त्रोतस

उदावर्त
शुक्रगतवात
शुक्रावृतवात
शुक्राश्मरी
क्लैब्य

स्वेदवहस्त्रोत्स

बाह्यकृमि

मूत्रवहस्त्रोतस

बस्त्यभिघा
उदावर्त
मूत्रावृतवात
मूत्रशूल
बस्तिशूल
मूत्रकृच्छ्र
तूनि
प्रतितूनि
उष्णवात
मूत्रसाद
मूत्रशुक्र
मूत्राघात
वातबस्ति
वातकुंडलिका

पुरीषवहस्त्रोतस

उदावर्त
पुरीषानाह
पुरीषशूल
पुरीषावृतवात
गुदगतवात
पक्वाशयगतवात
वाताष्ठीला
कृमि

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Last Updated : August 07, 2020

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