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वैशंपायन
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वैशंपायन ऋषि
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वैशंपायन ऋषी
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वैशंपायन रुशी
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வைசன்பாயன்
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বৈশম্পায়ন ঋষি
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ବୈଶମ୍ପାୟନ ଋଷି
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ਵੈਸ਼ਾਂਪਾਯਨ
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વૈશંપાયન
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വൈശാമ്പായൻ
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ویشانٛپاین
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वैशम्पायनः
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सरस्वती स्तोत्र - याज्ञवल्क्य उवाच— कृपां...
श्री वैशंपायन गुरुच्या शापामुळे याज्ञवल्क्य मुनींची सर्व विद्या नष्ट झाली. पुन्हा विद्या मिळविण्यासाठी याज्ञवल्क्य मुनींनी सूर्याची उपासना केली. प्रसन्न होऊन सूर्याने त्यांना वेद आणि वेदांगे शिकविली आणि त्या अध्ययनाची स्मृती रहावी म्हणून वाग्देवतेचे स्तवन करायला सांगितले. त्याउपर याज्ञवल्क्यांनी सरस्वतीला प्रसन्न करण्यासाठी जे स्तोत्र गायले तेच हे सरस्वती (बुद्धि) स्तोत्र होय.
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वैशम्पायन ऋषि
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श्यामायनि
Meanings: 3; in Dictionaries: 2
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आगमु
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तैत्तरीय
Meanings: 1; in Dictionaries: 1
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तांडय
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तैत्तिरि
Meanings: 6; in Dictionaries: 4
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सौति
Meanings: 12; in Dictionaries: 5
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अध्याय ७४ वा - श्लोक ६ ते ९
श्रीकृष्णदयार्णवकृत हरिवरदा
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तित्तिरि
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कलापिन्
Meanings: 23; in Dictionaries: 4
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नंदीची कथा
हिंदू धर्मातील पुराणे अतिप्राचीन असून त्यातील कथा उच्च संस्कृतीच्या प्रतिक आहेत.
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अवदशेची कथा
हिंदू धर्मातील पुराणे अतिप्राचीन असून त्यातील कथा उच्च संस्कृतीच्या प्रतिक आहेत.
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चरक
Meanings: 44; in Dictionaries: 12
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क्रीडा खंड - श्रीगणेशपुराणाचा समारोप
श्री गणेश पुराणाचे पारायण केल्याने समाधान मिळते आणि जीवनातील सर्व पापे नष्ट होतात.
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वैशम्पायन
Meanings: 7; in Dictionaries: 5
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श्रीवत्सलांच्छनाची कथा
हिंदू धर्मातील पुराणे अतिप्राचीन असून त्यातील कथा उच्च संस्कृतीच्या प्रतिक आहेत.
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कथाकल्पतरू - स्तबक ११ - अध्याय १
'कथा कल्पतरू' या ग्रंथात चार वेद, सहा शास्त्रे, अठरा पुराणे, तसेच रामायण, महाभारत व श्रीमद्भागवत हे हिंदू धर्मिय वाङमय ओवीरूपाने वर्णिलेले आहे.
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कथाकल्पतरू - स्तबक १० - अध्याय १
'कथा कल्पतरू' या ग्रंथात चार वेद, सहा शास्त्रे, अठरा पुराणे, तसेच रामायण, महाभारत व श्रीमद्भागवत हे हिंदू धर्मिय वाङमय ओवीरूपाने वर्णिलेले आहे.
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मध्यम भागः - अध्यायः ६४
ब्रह्माण्डाच्या उत्पत्तीचे रहस्य या पुराणात वर्णिलेले आहे.
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कथाकल्पतरू - स्तबक १२ - अध्याय १
'कथा कल्पतरू' या ग्रंथात चार वेद, सहा शास्त्रे, अठरा पुराणे, तसेच रामायण, महाभारत व श्रीमद्भागवत हे हिंदू धर्मिय वाङमय ओवीरूपाने वर्णिलेले आहे.
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स्कंध १२ वा - अध्याय ७ वा
सर्वमतखंडन आणि ब्रह्मविद्यारहस्य
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गीत महाभारत - व्यासांची संहिता
महर्षी व्यासांनी लिहिलेले महाभारत हे मानवी जीवनाच्या सर्व अंगांना स्पर्श करणारे व ज्ञानाने ओतप्रोत भरलेले असे महाकाव्य आहे.
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हयग्रीव अवतार
हिंदू धर्मातील पुराणे अतिप्राचीन असून त्यातील कथा उच्च संस्कृतीच्या प्रतिक आहेत.
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कथाकल्पतरू - स्तबक २ - अध्याय १
'कथा कल्पतरू' या ग्रंथात चार वेद, सहा शास्त्रे, अठरा पुराणे, तसेच रामायण, महाभारत व श्रीमद्भागवत हे हिंदू धर्मिय वाङमय ओवीरूपाने वर्णिलेले आहे.
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कथाकल्पतरू - स्तबक ९ - अध्याय १
'कथा कल्पतरू' या ग्रंथात चार वेद, सहा शास्त्रे, अठरा पुराणे, तसेच रामायण, महाभारत व श्रीमद्भागवत हे हिंदू धर्मिय वाङमय ओवीरूपाने वर्णिलेले आहे.
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कथाकल्पतरू - स्तबक ७ - अध्याय १८
'कथा कल्पतरू' या ग्रंथात चार वेद, सहा शास्त्रे, अठरा पुराणे, तसेच रामायण, महाभारत व श्रीमद्भागवत हे हिंदू धर्मिय वाङमय ओवीरूपाने वर्णिलेले आहे.
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कथाकल्पतरू - स्तबक ७ - अध्याय ११
'कथा कल्पतरू' या ग्रंथात चार वेद, सहा शास्त्रे, अठरा पुराणे, तसेच रामायण, महाभारत व श्रीमद्भागवत हे हिंदू धर्मिय वाङमय ओवीरूपाने वर्णिलेले आहे.
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रेवा खण्डम् - अध्याय २
भगवान स्कन्द (कार्तिकेय) ने कथन केल्यामुळे ह्या पुराणाचे नाव 'स्कन्दपुराण' आहे.
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सृष्टिखण्डः - अध्यायः ८१
भगवान् नारायणाच्या नाभि-कमलातून, सृष्टि-रचयिता ब्रह्मदेवाने उत्पन्न झाल्यावर सृष्टि-रचना संबंधी ज्ञानाचा विस्तार केला, म्हणून ह्या पुराणास पद्म पुराण म्हणतात.
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याज्ञवल्क्य वाजसनेय
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शुकाख्यान - अभंग १ ते २५
संत नामदेवांनी भक्ति-गीते आणि अभंगांची रचना करून समस्त जनता-जनार्दनाला समता आणि प्रभु-भक्तिची शिकवण दिली.
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कलंकी अवतार
हिंदू धर्मातील पुराणे अतिप्राचीन असून त्यातील कथा उच्च संस्कृतीच्या प्रतिक आहेत.
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गीत महाभारत - परिक्षिताचा अंत
महर्षी व्यासांनी लिहिलेले महाभारत हे मानवी जीवनाच्या सर्व अंगांना स्पर्श करणारे व ज्ञानाने ओतप्रोत भरलेले असे महाकाव्य आहे.
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कथाकल्पतरू - स्तबक ७ - अध्याय १७
'कथा कल्पतरू' या ग्रंथात चार वेद, सहा शास्त्रे, अठरा पुराणे, तसेच रामायण, महाभारत व श्रीमद्भागवत हे हिंदू धर्मिय वाङमय ओवीरूपाने वर्णिलेले आहे.
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सृष्टिखण्डः - अध्यायः ८०
भगवान् नारायणाच्या नाभि-कमलातून, सृष्टि-रचयिता ब्रह्मदेवाने उत्पन्न झाल्यावर सृष्टि-रचना संबंधी ज्ञानाचा विस्तार केला, म्हणून ह्या पुराणास पद्म पुराण म्हणतात.
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बौद्धावतार
हिंदू धर्मातील पुराणे अतिप्राचीन असून त्यातील कथा उच्च संस्कृतीच्या प्रतिक आहेत.
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महाप्रलयाची कथा
हिंदू धर्मातील पुराणे अतिप्राचीन असून त्यातील कथा उच्च संस्कृतीच्या प्रतिक आहेत.
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