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Interest

१.ब्याज २्इत,लाभ ३.रुचि,दिलचस्पी

 न. व्याज
 न. (advantage, profit) हित
 पु. Law (legal concern, title, right in a property or pecuniary stake in a commercial undertaking etc.) हितसंबंध
 पु. (person interested in any particular business etc.) हितसंबंधी
 स्त्री. (concern, curiosity or quality exciting them) रुचि
 स्त्री. गोडी
 स्त्री. आस्था
compound interest चक्रवाढ व्याज
overdue interest थकलेले व्याज
simple interest सरळ व्याज

शरीर परिभाषा  | en  mr |   | 
 स्त्री. रुचि . अभिरुचि
 पु. रस
 स्त्री. गोडी
 स्त्री. आस्था

रसायनशास्त्र  | en  mr |   | 
 पु. हितसंबंध

Student’s English-Sanskrit Dictionary | en  sa |   | 
Interest,s.अर्थः, हितं, लाभः, कल्याणं, श्रे- -यस्n.,भूतिf.,क्षेमः-मं; ‘in my i.’ मदर्थे-र्थं.
2आदरः, स्नेहः, रागः, अवेक्षा, अनुरागः, स्पृहा, अपेक्षा.
3पक्षपातः, संगः; without any i. मुक्त-वीत-संगa.
4 वृद्धिf.,वार्द्धुष्यं; ‘simple i.’ सरलवृद्धिः; ‘compound i.’ चक्रवृद्धिः, ‘i. at five percent’ पंचकेन शतेन, पंचकशतं, पंचोत्तरं शतं.
5भागः, अंशः, अधिकारः, उद्धारः.
6रसः, विनोदकत्वं, मनोहरता, हृदयंगमता; दृष्टं कथारसस्याक्षेपसामर्थ्यं (Ka. 346) ‘you have seen how the i. (i. ing nature) of the story diverted (me) from my topic’; ‘take or feel i.’ आदृ 6 A; ‘looking to one's own i.’ स्वार्थदृष्टि f.,स्वार्थपरता, स्वार्थलिप्सा. -v. t.अनुरंज्, c., स्नेहं-अनुरागं-उत्पद् c., अनुरक्त-सानुराग- a.कृ 8 U.
2वि-नुद् c., मनः-चित्तं-रंज् c. or विनुद् c., हृदयं गम् 1 P or आकृष् 1 P or हृ 1 P, मनो हृ.
3भागं-अंशं दा 3 U or लभ् 1 A or आप् 5 P; संबंध्-अनुषंज्- pass.
-ed,a.अनुरक्त, जातानुराग, जातस्नेह.
2 पक्षपातिन्, संगिन्, सपक्षपात.
3आसक्त, निविष्ट, निरत.
4भागिन्, अंशिन्.
5संबद्ध, लाभालाभसंबद्ध.
6स्वार्थपर, स्वार्थदर्शिन्, स्वलाभासक्त, स्वहितपरायण-तत्पर, स्वलाभा- -पेक्ष, स्वहितैषिन्, स्वार्थलिप्सु.
-ing,a. विनोदिन्, मनोहर, सरस, चित्ताकर्षिन्, हृदयंगम, हृदयहारिन्-ग्राहिन्, विनोदिन्, चित्तरंजक.

शासन व्यवहार  | en  mr |   | 
 स्त्री. आस्था
 स्त्री. गोडी
 पु. हितसंबंध

भौतिकशास्त्र  | en  mr |   | 
रस, रुचि
(अर्थ) व्याज

गणितशास्त्र | en  mr |   | 
 न. व्याज
चोम्पोउन्द् इन्तेरेस्त् चक्रवाढ व्याज
सिम्प्ले इन्तेरेस्त् सरळ व्याज

परिभाषा  | en  mr |   | 
 पु. हितसंबंध
 स्त्री. आवड
 स्त्री. अभिरुचि
motive

लोकप्रशासन  | en  mr |   | 
 न. व्याज
 पु. (legal concern, title, right in a property or pecuniary stake in a commercial undertaking, etc.) हितसंबंध
 न. (state of being concerned or affected esp. with respect to advantage) हित cf. benefit
सा.  (person interested in any particular business, etc.) हितसंबंधी
 स्त्री. (concern, curiosity or quality exciting them) रुचि
 स्त्री. गोडी
 स्त्री. आस्था
accrued interest प्रोद्भूत व्याज, उपार्जित व्याज
compound interest चक्रवाढ व्याज
good interest सकल व्याज, स्थूल व्याज
net interest निव्वळ व्याज
overdue interest थकलेले व्याज
scheduled interest अनुसूचित व्याज
simple interest सरळ व्याज

अर्थशास्त्र | en  mr |   | 
 न. व्याज
 पु. (legal concern, title, right in a property or pecuniary stake in a commercial undertaking etc.) हितसंबंध
 न. (state of being concerned or effected esp. with respect to advantage) हित
सा.  (person interested in any particular business etc.) हितसंबंधी
 स्त्री. (concern, curiosity or quality exciting them) रुचि
 स्त्री. गोडी
 स्त्री. आस्था
accrued interest प्रोद्भूत व्याज, उपार्जित व्याज
compound interest चक्रवाढ व्याज
gross interest सकल व्याज, स्थूल व्याज
net interest निव्वळ व्याज
overdue interest थकलेले व्याज
एscheduled interest अनुसूचित व्याज
एsimple interest सरळ व्याज

न्यायव्यवहार  | en  mr |   | 
 पु. हितसंबंध
 न. हित
 न. व्याज
 न. कुतूहल

A Dictionary: English and Sanskrit | en  sa |   | 
INTEREST , s.
(Advantage, good) अर्थः, हितं, लाभः, फलं, कल्याणं,कुशलं, मङ्गलं, क्षेमः -मं, श्रेयस्, भूतिःf.;
‘for the public interest,’ लोकहिताय;
‘one's own interest,’ स्वार्थः, स्वहितं, स्वलाभः,स्वकार्य्यं, आत्महितं, आत्मवृद्धिः;
‘for one's own interest,’ आत्म-हिताय, आत्मविवृद्धये;
‘regard to one's own interest,’ स्वार्थापेक्षा,स्वार्थदृष्टिःf., स्वहितावलोकनं, स्वार्थलिप्सा;
‘regardful of one's own interest,’ स्वार्थपरः -रा -रं, स्वार्थसाधनतत्परः -रा -रं, स्वार्थ-परायणः -णा -णं, स्वार्थलिप्सुः -प्सुः -प्सु, स्वार्थार्थी -र्थिनी -र्थि (न्),स्वहितैषी -षिणी -षि (न्), स्वलाभपरायणः -णा -णं;
‘regardless of it.’ See DISINTERESTED. —
(Concern, lively feeling about) स्नेहः, अवेक्षा, अपेक्षा, प्रतीक्षा, अनुरागः, रागः, स्पृहणीयत्वं, स्पृहा,सम्बन्धः, अभिसम्बन्धः, अभिसन्धानं. —
(Partiality for, bias in favor of) सङ्गः, पक्षपातः, स्नेहः;
‘void of all interest in,’ वीतसङ्गः-ङ्गा -ङ्गं, मुक्तसङ्गः &c., निःसङ्गः &c., विपक्षपातः -ता -तं. —
(Grati- fication) विनोदः. —
(Power to interest or please) विनोदकत्वं,मनोरञ्जकता, हृद्गमत्वं, रसः. —
(Influence) गौरवं, गुरुत्वं, प्रभावः,प्राबल्यं, अधिकारः, भारः. —
(Share, portion, participation in loss or gain) भागः, अंशः, विभागः, लाभालाभविभागित्वं, लाभा-लाभसम्बन्धः. —
(Interest on money, usury) वृद्धिःf., वार्धुष्यं, भागः,कलान्तरं, कारिका, कारिता, कुसीदवृद्धिःf.;
‘compound interest,’ चक्रवृद्धिःf.;
‘simple interest,’ सरलवृद्धिःf.;
‘bearing interest,’ सवृद्धिकः -का -कं, भागिकः -की -कं, भाग्यः -ग्या -ग्यं;
‘bearing no interest,’ अवृद्धिकः -की -कं;
‘interest at the rate of five per cent.,’ शते विंशमागः, पञ्चकं शतं, पञ्चोत्तरं;
‘at four per cent.,’ शते पञ्चविंशभागः;
‘at two per cent.,’ द्विकं शतं.
See also: अर्थ - हितं - लाभ - फलं - कल्याणं - कुशलं - मङ्गलं - क्षेम - मं - श्रेयस् - भूति - लोकहिताय - स्वार्थ - स्वहितं - स्वलाभ - स्वकार्य्यं - आत्महितं - आत्मवृद्धि - आत्म - हिताय - आत्मविवृद्धये - स्वार्थापेक्षा - स्वार्थदृष्टि - स्वहितावलोकनं - स्वार्थलिप्सा - स्वार्थपर - रा - रं - स्वार्थसाधनतत्पर - स्वार्थ - परायण - णा - णं - स्वार्थलिप्सु - प्सु - प्सु - स्वार्थार्थी - र्थिनी - र्थि - (न्) - स्वहितैषी - षिणी - षि - स्वलाभपरायण - णं - स्नेह - अवेक्षा - अपेक्षा - प्रतीक्षा - अनुराग - राग - स्पृहणीयत्वं - स्पृहा - सम्बन्ध - अभिसम्बन्ध - अभिसन्धानं - सङ्ग - पक्षपात - स्नेह - वीतसङ्ग - ङ्गा - ङ्गं - मुक्तसङ्ग - निसङ्ग - विपक्षपात - ता - तं - विनोद - विनोदकत्वं - मनोरञ्जकता - हृद्गमत्वं - रस - गौरवं - गुरुत्वं - प्रभाव - प्राबल्यं - अधिकार - भार - भाग - अंश - विभाग - लाभालाभविभागित्वं - लाभा - लाभसम्बन्ध - वृद्धि - वार्धुष्यं - कलान्तरं - कारिका - कारिता - कुसीदवृद्धि - चक्रवृद्धि - सरलवृद्धि - सवृद्धिक - का - कं - भागिक - की - भाग्य - ग्या - ग्यं - अवृद्धिक - कं - शते - विंशमाग - पञ्चकं - शतं - पञ्चोत्तरं - पञ्चविंशभाग - द्विकं

To INTEREST , v. a.
(Excite interest, partiality, or concern) स्नेहंor अनुरागं or स्पृहां or पक्षपातम् उत्पद् (c. 10. -पादयति -यितुं) or जन् (c. 10. जनयति -यितुं), अनुरञ्ज् (c. 10. -रञ्जयति -यितुं), अनुरक्तं-क्तां कृ, सानुरागं -गां कृ, सङ्गम् उत्पद्. —
(Engage the attention, amuse) विनुद् (c. 10. -नोदयति -यितुं), मनः or चित्तं विनुद् or रञ्ज् (c. 10. रञ्जयति -यितुं), हृदयं गम् (c. 1. गच्छति, गन्तुं), चित्तविनोदं कृ. —
(Give a share in) भागं or अंशं दा, संविभागित्वं or समांशित्वंदा, भागिनं -गिनीं कृ, अंशिनं -शिनीं कृ. —
(Have a share in) भागं or अंशं लभ् (c. 1. लभते, लब्धुं) or प्राप् (c. 5. -आप्नोति -आप्तुं), भागी -गिनी -गि भू or अस्. —
(Have concern in) सम्बन्ध् in pass. (-बध्यते), सम्बद्धः -द्धा -द्धं भू. — (Interest one's self for another) परहितैषी -षिणी -षि भू or अस्, परहितेप्सुः -प्सुः -प्सु भू, परहितार्थी-र्थिनी -र्थि भू.

व्याज,
हित, हितसंबंध

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