TransLiteral Foundation
Don't follow traditions blindly or don't assume a superstition either.
Don't be intentionally ignorant. Ask us!! Make Informed Religious Decisions!!
मराठी मुख्य सूची|मराठी साहित्य|अभंग संग्रह आणि पदे|संत निवृत्तिनाथांचे अभंग|
कांसवीचीं पिलीं करुणा भाक...

संत निवृत्तीनाथांचे अभंग - कांसवीचीं पिलीं करुणा भाक...

संत निवृत्तीनाथांचे अभंग
संत निवृत्तीनाथ हे संत ज्ञानेश्वर महाराजांचे थोरले बंधू होत.सर्वसामान्य जनतेला संस्कृत भाषेतील भगवद्‌गीता समजत नव्हती म्हणून निवृत्तीनाथांनी ज्ञानेश्वरांना प्राकृत(मराठी)भाषेत लिहीण्यास सांगितली, तीच "ज्ञानेश्वरी".
The eldest, Nivrutti, joined the nath sect and became Nivruttinath. He also become the guru of Dnyaneshwar. He, at  the age of fourteen, instructed Dnyaneshwar, who was twelve, to write a commentry on the Bhagavad Gita

संत निवृत्तीनाथांचे अभंग

कांसवीचीं पिलीं करुणा भाकी । परिसंपडलीं निकीं चरणसोय ॥ १ ॥

कामधेनु घरीं हरि माझा गोपाळ । मज काळवेळ नाठवें तैसी ॥ २ ॥

चातका चिंतिता जरी नपवे जीवन । तरीच शोकें प्राण तृषा हेतु ॥ ३ ॥

निवृत्ति स्वानंदु कामधेनु गुरु । नामाचा उच्चार तेणें छंदें ॥ ४ ॥

Translation - भाषांतर
N/A

N/A
Last Updated : 2008-02-10T11:41:48.5030000

Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.

धर्मशर्मन

  • n. एक ब्राह्मण । कश्यपकुल के विद्याधर ब्राह्मण के तीन पुत्रों में से, यह सब से कनिष्ठ था । इसके भाइयों में से वसुशर्मा तथा नामशर्मा ये दोनों बडे भाई विद्वान् थे । किंतु इसे विद्याध्ययन में रुचि नहीं थी । वृद्धापकाल में इसे अपने कृतकर्म पर पश्चात्ताप हुआ । पश्चात् एक सिद्ध के उपदेश के कारण, इसे आत्मज्ञान प्राप्त हुआ । इसने अपने मनोरंजन के लिये एक तोता पाल रखा था । एक बार उस तोते को बिल्ली ने खा लिया । तब अत्यंत दुखित हो कर, यह मृत हो गया । दूसरे जन्म में इसे शुक का ही जन्म हो गया, एवं पूर्वसंचित के कारण यह जन्मतः आत्मज्ञानी बना (पद्म.भू.१-३०। 
RANDOM WORD

Did you know?

mahameruyantrachi shastrashudh mahiti sangavi. Gharat thevnyasathiche mahameruyantra pokal ki bhariv ?
Category : Hindu - Puja Vidhi
RANDOM QUESTION
Don't follow traditions blindly or ignore them. Don't assume a superstition either. Don't be intentionally ignorant. Ask us!!
Hindu customs are all about Symbolism. Let us tell you the thought behind those traditions.
Make Informed Religious decisions.

Featured site