Dictionaries | References

हितोपदेश

   { hitopadeśa }
Script: Devanagari

हितोपदेश     

Puranic Encyclopaedia  | English  English
HITOPADEŚA   A book written in Sanskrit on the basis of the Pañcatantra. It is a collection of fortythree stories, and twentyfive of the stories are found in the Pañcatantra. There is also not much difference in the stories, about the origin of the two books. The author of Hitopadeśa is considered to be one Nārāyaṇa Paṇḍita, a dependant of King Dhavalacandra. Of the manuscripts available of the book, the oldest one is dated 1373 A.D. It has been surmised that the book was written somewhere between the 10th and 12th centuries A.D. There are four parts to the book called Mitralābha (gaining friends), Suhṛdbheda (creating dissensions between friends) Vigraha (separation) and Sandhi (union).

हितोपदेश     

A dictionary, Marathi and English | Marathi  English
Good counsel or advice.

हितोपदेश     

Aryabhushan School Dictionary | Marathi  English
 m  Good counsel.

हितोपदेश     

A Sanskrit English Dictionary | Sanskrit  English
हितोपदेश  m. m. friendly advice, salutary instruction, [MBh.] ; [Pañcat. &c.]
N. of a popular collection of fables intermixed with didactic sentences and moral precepts (compiled by नारायण, and supposed to be narrated by a ब्रह्मन् named विष्णु-शर्मन् to some young princes; it is chiefly founded on the पञ्च-तन्त्रq.v.)
N. of two works on medicine.

हितोपदेश     

Shabda-Sagara | Sanskrit  English
हितोपदेश  m.  (-शः) Friendly or proper advice.
E. हित proper, उपदेश advice.
ROOTS:
हित उपदेश

Keyword Pages

  |  
  • प्रथम: कथा-संग्रहः - मित्रलाभः
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • मित्र लाभः - आरंभः
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • मित्र लाभः - कथा १
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • मित्र लाभः - कथा २
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • मित्र लाभः - कथा ३
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • मित्र लाभः - कथा ४
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • मित्र लाभः - कथा ५
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • मित्र लाभः - कथा ६
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • द्वितीयः कथा-संग्रहः - सुहृद्-भेदः
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • सुहृद्-भेदः - आरंभः
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • सुहृद्-भेदः - कथा १
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • सुहृद्-भेदः - कथा २
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • सुहृद्-भेदः - कथा ३
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • सुहृद्-भेदः - कथा ४
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • सुहृद्-भेदः - कथा ५
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • सुहृद्-भेदः - कथा ६
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • सुहृद्-भेदः - कथा ७
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • सुहृद्-भेदः - कथा ८
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • सुहृद्-भेदः - कथा ९
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  • तृतीयः कथा-संग्रहः - विग्रहः
    हितोपदेश भारतीय जन- मानस तथा परिवेश से प्रभावित उपदेशात्मक कथाएँ हैं। हितोपदेश की कथाएँ अत्यंत सरल व सुग्राह्य हैं।
  |  

Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.
TOP