Dictionaries | References

यवन

A Sanskrit English Dictionary | sa  en |   | 
यवन  mfn. 1.mfn. (√ 1.यु) keeping away, averting (See द्वेषो-य॑वन).
यवन  n. 2.n. (√ 2.यु) mixing, mingling (esp. with water), [Nyāyam.]
यवन  mfn. 3.mfn. quick, swift
यवन  m. m. a swift horse, [L.] (prob.w.r. for जवन).
यवन   4.w.r. for पैजवन, [Mn. vii, 41.]
यवन  m. 5.m. an Ionian, Greek (or a king of the Greeks g.कम्बोजा-दि; in later times also a Muhammadan or European, any foreigner or barbarian), [Mn.]; [MBh.] &c.
यवन-देश   N. of a caste, [Gaut.] (accord. to [L.] ‘the legitimate son of a क्षत्रिय and a वैश्या’ or ‘an उग्र who is an elephant catcher’) of a country (= , sometimes applied to Ionia, Greece, Bactria, and more recently to Arabia), [W.]
See also: यवन - देश
wheat, [L.]
a carrot, [L.]
olibanum, [L.]
pl. the Ionians, Greeks (esp. the Greek astrologers), [MBh.]; [VarBṛS.] &c.
N. of a dynasty, [Pur.]
यवन  n. n. salt from saline soil, [L.]

यवनः [yavanḥ]   [यु-युच्]
A Greek, an Ionian.
Any foreigner, or barbarian; [Ms.1.44;] (the word is applied at present to a Mahomedan or a European also).
A carrot.
Olibanum.
A courser or swift horse.
Speed.
Wheat.
A kind of grass.-नाः (m. pl.)
The Ionians or Greeks.
The Greek astrologers.
-नम्   Mixing, mingling (esp. with water).-Comp.
-अरिः  N. N. of Kṛiṣṇa.
-आचार्यः   the reputed author of astronomical book called Tājak.
इष्टः a kind of garlic.
a kind of onion.
the Nimba tree. (-ष्टा) the wild date-tree.
(ष्टम्) lead.
an onion or garlic.
pepper.
-देशजम्   benzoin.
-द्विष्टः   bdellium.
-प्रियम्   

Shabda-Sagara | sa  en |   | 
यवन  m.  (-नः)
1. A Country; probably Bactria, or it may be extended from that colony to Ionia, (to which word it bears some resem- blance,) or still further to Greece: by late Hindu writers, it is most commonly applied to Arabia.
2. A Yavana, apparently ori- ginally a Greek, but since applied to both the Mohammedan and European invaders of India, and often used as a general term for any foreign or barbarous race.
3. Speed, velocity.
4. A swift horse. 5. Wheat.
6. A carrot.
 f.  (-नी) The wife of a Yavana.
E. यु to mix, aff. युच्; or जु to be swift, and the consonant changed to its ana- logous semi-vowel; or योनि the womb, (of the cow of VAŚISH- ṬHA,) and अण् aff.; being born for the purpose of opposing the armies of VIŚWĀMITRA.

ना.  मुसलमान , म्लेंच्छ ( मूळ आयोनियन किंवा ग्रीक ).

A dictionary, Marathi and English | mr  en |   | 
An Ionian or Greek; but now applied to a Muhammadan, and to an individual of a foreign race generally.

 पु. म्लेच्छ ; आयोनिया देशांतील मनुष्य ; आर्यवंशीय नसलेला मनुष्य ; हल्लीं सामान्यतः मुसलमानास हा शब्द योजतात . [ सं . ] यवनाचार्य - पु .
मुसलमान शास्त्री ; मुसलमानांतील विद्वान किंवा पंडित .
रमल शास्त्र हिंदूंत फैलाविण्याकरितां मुसलमान झालेला कोणी एक ब्राह्मण . [ यवन + आचार्य ] यवनानी - स्त्री . अरबी अगर फारशी अक्षरलिपी . [ सं . ] यवनी - स्त्री . यवन स्त्री ; मुसलमान स्त्री . - वि . यवनासंबंधीं ; यवनाचा .

यवन n.  कृष्ण के द्वारा मारे गये ‘कालयवन’ राजा का नामान्तर [म.व.१३.२९]; कालयवन देखिये ।
यवन II. n.  हैहयराज का एक साथी, जिसे सगर ने पराजित किया था । पश्चात् यह वसिष्ठ ऋषि की शरण में गया, जिसने इसे जीवितदान तो दिया; किन्तु इसका सर के बाल निकालने की, एवं दाढी रखने की सजा इसे थी [पद्म.उ.२०]
यवन III. n.  एक लोकसमूह, जो गांधार देश के सीमाभाग में स्थित ‘अरिआ’ एवं ‘अंर्कोशिया’ प्रदेश में रहते थे । प्राचीन वाङ्मय में ‘अयोनियन’ ग्रीक लोगों के लिए ‘यवन’ शब्द प्रायः प्रयुक्त किया जाता है । इन युनानी लोगों को फारसी भाषा में ‘यौन’ कहते थे, जिसका ही रुपान्तर प्राकृत भाषा में ‘यौन’ , एवं संस्कृत में ‘यवन’ नाम से किया प्रतीत होता है ।’
यवन III. n.  सिकंदर के हमले के पूर्वकाल में योन लोगों का एक उपनिवेश, अफगाणिस्तान में बल्ख एवं समरकंद के बीच के प्रदेश में बसा हुआ था, जिन लोगों का राजा ‘सेर्क्सस’ था । पाणिनि के व्याकरण में ‘यवन लिपि’ का निर्देश है, जो संभवतः प्राग्‌मौर्य थी, एवं इन्ही लोगों के द्वारा प्रस्थापित की गयी थी [पा.सू.४.१.४९];[ कात्यायन वार्तिक.३] ।सिकंदर के हमले के पश्चात्, यवन लोगों का एक उपनिवेश भारत के उत्तरीपश्चिम प्रदेश में बसा हुआ था । चंद्रगुप्त मौर्य के दरबार में आये हुये मेगँत्थिनिअस, दिओन्सिअस आदि परदेशीय वकील यवन ही थे ।अशोक के बारहवे स्तंभलेख में, ‘योन’ लोगों के देश में महारक्षित नामक बौद्ध भिक्षु धर्मप्रचारार्थ भेजने का निर्देश प्राप्त है । ‘योन धर्मरक्षित’ नामक अन्य एक बौद्ध धर्मगुरु अशोक के द्वारा ‘अपरान्त’ प्रदेश में भेजा गया था । रुद्रदामन् के जुनागड स्तंभलेख में, अपरान्त प्रदेश का राज्य योनराज तुषाष्प के द्वारा नियंत्रित किये जाने का, एवं वह सम्राट अशोक का राजप्रतिनिधि होने का निर्देश प्राप्त है । इससे प्रतीत होता है कि, अशोक के राज्यकाल में यवन लोगों की एक वसाहत पश्चिमी भारत में गुजरात प्रदेश में भी बसी हुयी थी ।पतंजलि के महाभाष्य में, मिनैन्डर नामक यवन राजपुत्र ने ‘साकेत’ (अयोध्या) एवं ‘मध्यामिका’ नगरी को युद्ध में धिरा लेने का निर्देश प्राप्त है [म्हा.२.११९] । आगे चल कर शुंगराजा पुण्यमित्र एवं वसुमित्र ने यवनों को पराजित किया । आंध्र राजा गौतमीपुत्र शातकर्णी ने इनका संपूर्ण नाश किया ।
यवन III. n.  महाभारत के अनुसार, यवन लोग ययातिपुत्र तुर्वसु के वंशज थे [म.आ.८०.२६] । ये लोग पहले क्षत्रिय थे; किंतु ब्राह्मणों से द्वेष रखने के कारण, बाद में शूद्र बन गये थे [म.अनु.३५.१८] । उसी ग्रंथ में अन्यत्र इन्हे नंदिनी के योनि (मूत्र) प्रदेश से उत्पन्न कहा गया है [म.आ.१६५.३५] ।सहदेव से अपनी दक्षिणदिग्विजय में इनके नगरों को जीता था [म.स.२८.४९] । नकुल ने भी अपनी पश्चिम दिग्विजय में इन्हें परास्त किया था [म.स.२९.१५ पाठ.] । कर्ण ने अपने पश्चिम दिग्विजय में इन्हे जीता था [म.व.परि.१.२४.६६] ।भारतीय युद्ध में, ये लोग कौरवों के पक्ष में शामिल थे । कांबोजराज सुदक्षिण यवनों के साथ एक अक्षौहिणी सेना ले कर भारतीय युद्ध में उपस्थित हुआ था [म.उ.१९.२१.२२] । भारतीय युद्ध में यवनों के साथ अर्जुन का [म.द्रो.६८.४१,९६.१], एवं सात्यकि का [म.द्रो.९५.४५-४६] घनघोर युद्ध हुआ था ।

Puranic Encyclopaedia  | en  en |   | 
YAVANA   
1) General.
There are many references to Yavanas and the land of Yavanas in the Purāṇas. There is a statement in [Mahābhārata, Ādi Parva, Chapter 85, Verse 34], that the Yavana rase takes its source from Turvasu, the son of Yayāti. There is another version in [Mahābhārata, Ādi Parva, Chapter 174, Verse 36], that Yavanas were born from the womb and the sides of Nandinī.
2) Other details.
(i) Arjuna's brother Sahadeva once conquered the Yavana land. [M.B. Sabhā Parva, Chapter 31, Verse 73].
(ii) [Mahābhārata, Sabhā Parva, Chapter 32, Verse 17], mentions that on another occasion, Nakula defeated the Yavanas.
(iii) According to [Mahābhārata, Vana Parva, Chapter 188, Verse 35], the world will be filled with Yavanas and other Mleccha (low class) kings.
(iv) In the course of his conquests, Karṇa once subdued the Yavanas. [M.B. Vana Parva, Chapter 254, Verse 8].
(v) [Mahābhārata, Udyoga Parva, Chapter 19, Verse 21], mentions that king Sudakṣiṇa of Kāmboja approached Duryodhana with an “Akṣauhiṇī” along with the Yavanas, to take part in Bhārata Yuddha.
(vi) [Mahābhārata, Bhīṣma Parva, Chapter 9, Verse 65] states that at the time of Mahābhārata, Yavana land was part of India.
(vii) Originally Yavanas were Kṣatriyas. But they became Śūdras by the curse of Brāhmaṇas. [M.B. Anuśāsana Parva, Chapter 35, Verse 18].
(viii) Once there was a duel between a Yavana king and Mucukunda. (For further details, see under Mucukunda).

Aryabhushan School Dictionary | mr  en |   | 
 m  A Mohammedan. An individual of a foreign race.

Related Words

यवन   
: Folder : Page : Word/Phrase : Person

Search results

No pages matched!

Related Pages

  |  
  |  
: Folder : Page : Word/Phrase : Person

Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.
TOP