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s samay matruka

  • समय-मातृका
    क्षेमेंद्र के ग्रंथ समयमातृका का रचनाकाल १०५० ई है। यह एक हास्य प्रहसन का अत्युत्तम ग्रंथ है ।
  • समय मातृका - प्रथमः समयः
    क्षेमेंद्र के ग्रंथ समयमातृका का रचनाकाल १०५० ई है। यह एक हास्य प्रहसन का अत्युत्तम ग्रंथ है ।
  • समय मातृका - द्वितीयः समयः
    क्षेमेंद्र के ग्रंथ समयमातृका का रचनाकाल १०५० ई है। यह एक हास्य प्रहसन का अत्युत्तम ग्रंथ है ।
  • समय मातृका - तृतीयः समयः
    क्षेमेंद्र के ग्रंथ समयमातृका का रचनाकाल १०५० ई है। यह एक हास्य प्रहसन का अत्युत्तम ग्रंथ है ।
  • समय मातृका - चतुर्थः समयः
    क्षेमेंद्र के ग्रंथ समयमातृका का रचनाकाल १०५० ई है। यह एक हास्य प्रहसन का अत्युत्तम ग्रंथ है ।  
  • समय मातृका - पञ्चमः समयः
    क्षेमेंद्र के ग्रंथ समयमातृका का रचनाकाल १०५० ई है। यह एक हास्य प्रहसन का अत्युत्तम ग्रंथ है ।
  • समय मातृका - षष्ठः समयः
    क्षेमेंद्र के ग्रंथ समयमातृका का रचनाकाल १०५० ई है। यह एक हास्य प्रहसन का अत्युत्तम ग्रंथ है ।
  • समय मातृका - सप्तमः समयः
    क्षेमेंद्र के ग्रंथ समयमातृका का रचनाकाल १०५० ई है। यह एक हास्य प्रहसन का अत्युत्तम ग्रंथ है ।
  • समय मातृका - अष्टमः समयः
    क्षेमेंद्र के ग्रंथ समयमातृका का रचनाकाल १०५० ई है। यह एक हास्य प्रहसन का अत्युत्तम ग्रंथ है ।
  • समय मातृका - उपसंहारः
    क्षेमेंद्र के ग्रंथ समयमातृका का रचनाकाल १०५० ई है। यह एक हास्य प्रहसन का अत्युत्तम ग्रंथ है ।
: Folder : Page : Word/Phrase : Person


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अभियोग

  • पु. 
  • फिर्याद ; आरोप ; ( वादीची ) तक्रार ; आळ ; दोष . 
  • वाद ; युध्द ; भांडण ; हल्ला . श्रींच्या अधिकार्‍यांसमोर वादी प्रतिवादीच्या अभियोगांत झालेला पुरावा कोणत्या तरी सभेपुढें यथेच्छ वाचीत बसण्याचें ........ नाकारलें . - टि ४ . १२७ . 
  • मनन ; अभ्यास ; चिकाटी . [ सं . ] 
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बांस की लकड़ी
Category : Hindu - Beliefs
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Don't follow traditions blindly or ignore them. Don't assume a superstition either. Don't be intentionally ignorant. Ask us!!
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