TransLiteral Foundation

m mayur bharatsar

  |  
  |  
: Folder : Page : Word/Phrase : Person


Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.

शकुनि (सौंबल)

  • n. गांधार देश के सुबल राजा का पुत्र, जो दुर्योधन का मामा था [म. आ. ५५.३९] । सुबल राजा का पुत्र होने के कारण इसे ‘सौबल’ पैतृक नाम प्राप्त हुआ होगा [म. क. ५५] । यह शुरू से ही अत्यंत दुष्टप्रकृति था । देवताओं का कोप होने के कारण यह धर्मविरोधी बन गया, एवं अनाचारी कार्य करने लगा [म. आ. ५७.९३-९४] । यह द्वापर दैत्य के अंश से उत्पन्न हुआ था [म. आ. ६१.७२]; आश्र्व. ३९.१० । 
  • पाण्डवों का द्वेष n. गांधारी के साथ धृतराष्ट्र का विवाह इसी के ही मध्यस्थता से हुआ था [म. आ. १०३.१४-१५] । यह द्रौपदी स्वयंवर में उपस्थित था [म. आ. १७७.५] । यह शुरू से ही पाण्डवों का द्वेष करता था, एवं इसने द्रुपदनगर में ही पाण्डवों को जड़मूल से समाप्त करने की दुर्योधन को सलाह दी थी [म. आ. परि. १.१०३] । युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में भी यह दुर्योधन के साथ उपस्थित हुआ था, एवं पाण्डवों के प्रति दुर्योधन की द्वेषाग्नि सुलगाने का प्रयत्‍न इसने किया था [म. स. ३१.६, ४२.६०] 
  • द्युतक्रीडा n. पाण्डवों पर विजय प्राप्त करने के लिए, एवं युधिष्ठिर का ऎश्र्वर्य हड़पने के लिए इसने दुर्योधन को द्युतक्रीडा का आयोजन करने की सलाह दी। पश्चात् द्यूत के लिए युधिष्ठिर को निमंत्रित करवा कर, इसने उसे छलकपट से द्यूत में परास्त किया [म. स. ५३-५४] । इसके साथ द्यूत खेल कर कर युधिष्ठिर अपन सब कुछ खो बैठा। पश्चात् इसका युधिष्ठिर के साथ द्यूत का और एक दाँव हुआ, जिसमें शर्त के अनुसार इसने युधिष्ठिर को वन जाने के लिए विवश किया । 
  • घोषयात्रा n. द्वैतवन में पाण्डव जब वनवास भुगत रहे थे, तब दुर्योधन एवं इसने ऐसी योजना बनायी कि, उनके सम्मुख अपने सामर्थ्य का प्रदर्शन किया जाये। तदनुसार यह दुर्योधन के साथ घोषयात्रा के लिए गया । किन्तु वहाँ दुर्योधन चित्रसेन गंधर्व से परास्त हुआ, एवं वह उन्हीं पाण्डवों के द्वारा बचाया गया, जिनके सामने अपने सामर्थ्य का प्रदर्शन करने वह गया था [म. व. २२७-२३०] 
More meanings
RANDOM WORD

Did you know?

देवाचे तीर्थ ग्रहण करण्यासंबंधी शास्त्रीय संकेत कोणते?
Category : Hindu - Puja Vidhi
RANDOM QUESTION
Don't follow traditions blindly or ignore them. Don't assume a superstition either. Don't be intentionally ignorant. Ask us!!
Hindu customs are all about Symbolism. Let us tell you the thought behind those traditions.
Make Informed Religious decisions.