मराठी मुख्य सूची|स्तोत्रे|अन्य देवता स्तोत्रे|श्री मध्वाचार्य कृत द्वादश स्तोत्र| अथ नवमस्तोत्रम् श्री मध्वाचार्य कृत द्वादश स्तोत्र अथ प्रथमस्तोत्रम् अथ द्वितीयस्तोत्रम् अथ तृतीयस्तोत्रम् अथ चतुर्थस्तोत्रम् अथ पंचमस्तोत्रम् अथ षष्ठस्तोत्रम् अथ सप्तमस्तोत्रम् अथ अष्टमस्तोत्रम् अथ नवमस्तोत्रम् अथ दशमस्तोत्रम् अथ एकादशस्तोत्रम् अथ द्वादशस्तोत्रम् अथ नवमस्तोत्रम् मध्वाचार्य (१२३८-१३१७ ईस्वी) हे तेराव्या शतकातील महान भारतीय दार्शनिक आणि वेदांतातील द्वैतवाद (तत्ववाद) संप्रदायाचे संस्थापक होते. Tags : dvadashamadhvacharyastotraद्वादशमध्वाचार्यस्तोत्र अथ नवमस्तोत्रम् Translation - भाषांतर अतिमततमोगिरिसमितिविभेदन पितामहभूतिद गुणगणनिलय ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥१॥विधिभवमुखसुरसततसुवंदितरमामनोवल्लभ भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥२॥अगणितगुणगणमयशरीर हे विगतगुणेतर भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥३॥अपरिमितसुखनिधिविमलसुदेह हे विगत सुखेतर भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥४॥प्रचलितलयजलविहरण शाश्वतसुखमयमीन हे भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥५॥सुरदितिजसुबलविलुलितमंदरधर पर कूर्म हे भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥६॥सगिरिवरधरातलवह सुसूकरपरमविबोध हे भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥७॥अतिबलदितिसुत हृदय विभेदन जयनृहरेऽमल भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥८॥बलिमुखदितिसुतविजयविनाशन जगदवनाजित भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥९॥अविजितकुनृपतिसमितिविखंडन रमावर वीरप भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥१०॥खरतरनिशिचरदहन परामृत रघुवर मानद भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥११॥सुललिततनुवर वरद महाबल यदुवर पार्थप भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥१२॥दितिसुतविमोहन विमलविबोधन परगुणबुद्ध हे भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥१३॥कलिमलहुतवह सुभग महोत्सव शरणद कल्कीश भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥१४॥अखिलजनिविलय परसुखकारण परपुरुषोत्तम भव मम शरणम् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥१५॥इति तव नुतिवरसततरतेर्भव सुशरणमुरुसुखतीर्थमुनेः भगवन् ।शुभतम कथाशय परमसदोदित जगदेककारण रामरमारमण ॥१६॥इति श्रीमदानंदतीर्थभगवत्पादाचार्य विरचितंद्वादशस्तोत्रेषु नवमस्तोत्रं संपूर्णम् N/A References : N/A Last Updated : August 12, 2026 Comments | अभिप्राय Comments written here will be public after appropriate moderation. Like us on Facebook to send us a private message. TOP