विश्वकर्मप्रकाश - तृतीयोऽध्यायः

विश्वकर्मप्रकाश - तृतीयोऽध्यायः

देवताओंके शिल्पी विश्वकर्माने, देवगणोंके निवासके लिए जो वास्तुशास्त्र रचा, ये वही ’ विश्वकर्मप्रकाश ’ वास्तुशास्त्र है ।


  • तृतीयोऽध्यायः - श्लोक १ ते २०
    देवताओंके शिल्पी विश्वकर्माने, देवगणोंके निवासके लिए जो वास्तुशास्त्र रचा, ये वही ’ विश्वकर्मप्रकाश ’ वास्तुशास्त्र है ।
  • तृतीयोऽध्यायः - श्लोक २१ ते ४०
    देवताओंके शिल्पी विश्वकर्माने, देवगणोंके निवासके लिए जो वास्तुशास्त्र रचा, ये वही ’ विश्वकर्मप्रकाश ’ वास्तुशास्त्र है ।
  • तृतीयोऽध्यायः - श्लोक ४१ ते ७०
    देवताओंके शिल्पी विश्वकर्माने, देवगणोंके निवासके लिए जो वास्तुशास्त्र रचा, ये वही ’ विश्वकर्मप्रकाश ’ वास्तुशास्त्र है ।
: Folder : Page : Word/Phrase : Person

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Last Updated : January 20, 2012

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