-
जटा°सुर m. m. (
°टा-स्°) N. of a रक्षस् (killed by भीम-सेन), [MBh. iii, vii, xiv]
-
जटासुर n. एक राक्षस । वनवास के समय पांडव एक बार बदरिकाश्रम आये । तव ब्राह्मण के वेश में यह राक्षस उनके पास रह कर, अपने तप की प्रशंसा करता रहा । पांडवों के शस्त्रास्त्र तथा द्रौपदी का हरण करने का यह सोचता था । परंतु शक्तिशाली भीम के सामने इसकी डाल नही गलती थी । भीम पहचान गया था कि, यह अवश्य कोई राक्षस है । एक दिन भीम अरण्य में गया था । अर्जुन इंद्रलोक गया था । यह अवसर देख, द्रौपदी, धर्म, नकुल तथा सहदेव को ले कर, यह भागने लगा । सहदेव ने अपने आप को मुक्त कर लिया । धर्मराज ने इस बहुत उपदेश दिया परंतु एक न सुनी । इतने में गदाधारी भीम वहॉं पहुँचा । उसने इससे मल्लयुद्ध कर के इसका वध किया [म.व.१५४] । इसे अलंबुस नमक पुत्र था [म. द्रो.१४९.५-९] ।
-
pl. N. of a people in the north-east of मध्यदेश, [VarBṛS. xiv, 30.]
-
JAṬĀSURA I A King, who was a member of Dharmaputra's assembly. [Sabhā Parva, Chapter 4, Verse 24] .
Site Search
Input language: