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हंसक्षीर न्याय

See also:  हंसक्षीर विवेक
पाणी व दूध एकत्र केलेलें असल्यास हंस पक्षी त्यांतील दूध पिऊन पाणी तेवढें निराळें काढतो अशी समजूत आहे. त्यावरुन बरें वाईट एकत्र असतां त्यांतील चांगलें तेवढें निवडून घेणें.

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