TransLiteral Foundation
अनंत काणेकर

अनंत काणेकर

अनंत काणेकर यांच्या कवितेत, भावनेची उत्कटता, आणि तिचे प्रकटन होण्यासाठी अनुरूप अशी रससिद्ध भाषाशैली यांची एकजीव जुळणी झालेली आहे.


  • संग्रह १
    अनंत काणेकर यांच्या कवितेत, भावनेची उत्कटता, आणि तिचे प्रकटन होण्यासाठी अनुरूप अशी रससिद्ध भाषाशैली यांची एकजीव जुळणी झालेली आहे.
  • अनंत काणेकर परिचय
    अनंत काणेकर यांच्या कवितेत, भावनेची उत्कटता, आणि तिचे प्रकटन होण्यासाठी अनुरूप अशी रससिद्ध भाषाशैली यांची एकजीव जुळणी झालेली आहे.
: Folder : Page : Word/Phrase : Person

References : N/A

Last Updated : 2012-10-11T13:08:16.0930000

Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.

शाट्यायनि

  • n. एक आचार्य, जो ‘शाट्यायन ब्राह्मण’ एवं ‘शाट्यायन गृहसूत्र’ आदि ग्रंथों का रचयिता माना जाता है । इनमें से ‘शाट्यायन ब्राह्मण’ आज उपलब्ध नहीं है । 
  • आचार्य परंपरा n. एक गुरु के नाते इसका निर्देश ब्राह्मण ग्रंथों में अनेक बार प्राप्त है [श. ब्रा. ८.१.८.९, १०.४.५.२];[ जै. उ. ब्रा. १.६.२, ३०.१, २.२.८, ४.३] । ‘जैमिनीय उपनिषद ब्राह्मण’ में इसका सही नाम शंग दिया है, एवं शाट्यायन इसका पैतृक नाम बताया गया है, जो इसे ‘शाट्य’ का वंशज होने के कारण प्राप्त हुआ था । इस ग्रंथ में इसे ज्वालायन का शिष्य कहा गया है [जै. उ. ब्रा. ४.१६.१] । ‘सामविधान ब्राह्मण’ में इसे बांदरायण का शिष्य कहा गया है । 
  • शाट्यायन ब्राह्मण n. शाट्यायन ब्राह्मण में प्राप्त अनेक कथा सायणभाष्य में पुनरुध्दृत की गयी है । इस ग्रंथ के अनेक उद्धरण जैमिनीय उपनिषद ब्राह्मण में भी प्राप्त है [जै. उ. ब्रा. ९.१०, ३.१३.६, २८.५] । ‘आश्र्वलायन श्रौतसूत्र’ में इसके अभिमतों का निर्देश ‘शाट्यायनक’ नाम से प्राप्त है [आश्र्व. श्रौ. १.४.१३] । आर्टेल के अनुसार, यह ब्राह्मण ग्रन्थ ‘जैमिनीय ब्राह्मण’ से काफ़ी मिलता जुलता था । 
  • जैमिनीय उपनिषद् ब्राह्मण (गात्र्युपनिषद) n. इस ग्रंथ का प्रमुख प्रणयिता भी शाट्यायनि माना जाता है । इस ग्रन्थ में प्राप्त गुरुपरंपरा के अनुसार, यह ग्रन्थ सर्वप्रथम इंद्र ने ज्वालायन नामक आचार्यों को प्रदान किया, जिसने वह अपने शिष्य शाट्यायन को सिखाया । आगे चल कर यही ग्रंथ शाट्यायन ने अपने शिष्य राम क्रातुजातेय वैयाघ्रपद्म को प्रदान किया । इन सारे आचार्यों में से, शाट्यायनि ने इस ग्रन्थ को विशेष प्रतिष्ठा प्राप्त करायी [जै. उ. ब्रा. ४.१६-१७] 
More meanings
RANDOM WORD

Did you know?

संत ज्ञानेश्वरांनि हे म्हटले आहे का ?
Category : Vedic Literature
RANDOM QUESTION
Don't follow traditions blindly or ignore them. Don't assume a superstition either. Don't be intentionally ignorant. Ask us!!
Hindu customs are all about Symbolism. Let us tell you the thought behind those traditions.
Make Informed Religious decisions.

Featured site

Ved - Puran
Ved and Puran in audio format.