हिंदी सूची|पूजा एवं विधी|श्राद्धकर्म|श्राद्ध विधि – छन्दोग| छन्दोग श्राद्ध विधि – माहिती श्राद्ध विधि – छन्दोग छन्दोग श्राद्ध विधि – माहिती छन्दोग श्राद्ध विधि – मुख्य चरण छन्दोग श्राद्ध विधि – शय्यादान विधि छन्दोग श्राद्ध विधि – काञ्चनपुरुषदान विधि छन्दोग श्राद्ध विधि – गोदान विधि छन्दोग श्राद्ध विधि – संपूर्ण विधि छन्दोग श्राद्ध विधि – माहिती छन्दोग (सामवेद) परम्परा में श्राद्ध विधि अत्यंत पवित्र और सूक्ष्म वैदिक विधान है। Tags : hindipoojashraddhavidhiपूजाविधीश्राद्धसंस्कारहिन्दी माहिती Translation - भाषांतर प्रेतश्राद्ध में एकादशाह के दिन एकोद्दिष्ट करने का विधान है इसे महैकोद्दिष्ट भी कहा जाता है। षोडश श्राद्ध का प्रथम/आदि होने से इसे आद्यश्राद्ध भी कहा जाता है। छन्दोग (सामवेद) परम्परा में श्राद्ध विधि अत्यंत पवित्र और सूक्ष्म वैदिक विधान है। इसमें 'कुश' और 'काले तिल' का विशेष महत्व है। मुख्य अनुष्ठान में तीन पीढ़ियों (पिता, पितामह, प्रपितामह) को लक्ष्य करके पिंडदान, तर्पण (तिल मिश्रित जल से) और ब्राह्मण भोज कराया जाता है, जिसमें गाय और कौवे के लिए ग्रास निकालना आवश्यक है। N/A References : N/A Last Updated : July 17, 2026 Comments | अभिप्राय Comments written here will be public after appropriate moderation. Like us on Facebook to send us a private message. TOP