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अश्विनीसुत

  • n. सुतपस् भारद्वाज का पुत्र । सुतपस् की पत्नी जब तीर्थयात्रा कर रही थी, तब बलात्कार द्वारा सूर्य से उसे अश्विनीसुत नामक सुन्दर पुत्र हुआ । घर आ कर, यह बात उसने पति को बताई । तब उसने इन दोनों का त्याग किया । वह स्त्री गोदावरी नदी बनी । सूर्य ने इसे मंत्रतंत्र तथा ज्योतिष पढाया, अतः यह ज्योतिषी बना । परंतु आगे सुतपस् ने इन दोनों को शाप दिया की, तुम रोगी तथा यज्ञभागरहित बनोगे । आगे चल कर, सूर्य की स्तुति करने पर यह रोगरहित तथा यज्ञ में भाग प्राप्त करनेवाला हुआ [ब्रह्मवै.१.१०-११] । अश्विनीकुमारों से यह कथा मिलती जुलती है । 
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आत्म्याची किती आणि कोणती रूपे मानली गेली आहेत?
Category : Hindu - Beliefs
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