Dictionaries | References

हिरण्यकेशिन् (लोग)


n.  इस शाखा के लोग सह्याद्रि के पश्चिम् में स्थित चिपलून आदि गॉंवों में रहते है । इन लोगों का निर्देश पाँचवी शताब्दी इ. स. के. कोंगणी राजाओं के ताम्रपट में प्राप्त है । इससे प्रतीत होता है कि, हिरण्यकेशिन् आचार्य, एवं इसके द्वारा विरचित सूत्रों का रचनाकाल पाँचवी शताब्दी इ. स. पूर्व में कहीं होगा [इन्डि. अँन्टि. ४.१३६]

Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.
TOP