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शुक III.

See also :
शुक II. , शुक IV. , शुक V. , शुक VI. , शुक VII. , शुक VIII.
n.  रावण का एक अमात्य, जो अपने सारण नामक मित्र के साथ उसके गुप्तचर का काम भी निभाता था । राम-रावण-युद्ध के समय, राम का सैन्यबल, शस्त्रबल आदि की जानकारी प्राप्त करने के लिए, रावण ने इसे एवं सारण को गुप्तचर के नाते राम के सेनाशिबिर में भेजा था । पश्चात् ये दोनों वानर का रूप धारण कर, राम के शिबिर में आ पहुँचे। विभीषण ने इनका सही रूप पहचाना, एवं उन्हें गिरफ्तार कर, इन्हें राम के सम्मुख पेश किया । राम ने इनकी निःशस्त्र अवस्था की ओर ध्यान दे कर इन पर दया की, एवं इन्हें देहदण्ड के बिना ही मुक्त किया । पश्चात् इसने रावण के पास जा कर राम की सैन्यसामर्थ्य एवं उदारता की काफ़ी प्रशंसा की, एवं उससे संधि करने की प्रार्थना रावण से की। किंतु रावण ने इसकी एक न सुनी, एवं अन्य गुप्तचर राम की सेना की ओर भेज दिये [वा. रा. यु. २५-२९];[ म. व. २६७. ५२-५३]
पूर्वजन्मवृत्त n.  अपने पूर्वजन्म में यह ब्राह्मण था । किन्तु अगस्त्य ऋषि को नरमांसयुक्त भोजन खिलाने की गलती इससे हुई, जिस कारण इसे राक्षसयोनि प्राप्त हुई। आगे चल कर, राम के पुण्यदर्शन के कारण यह मुक्त हुआ।

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