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चंद्रशर्मन् II.

See also:  चंद्रशर्मन् , चंद्रशर्मन् III.

n.  सूर्यवंश का एक राजा । यह कुरुक्षेत्र में रहता था । एक बार सूर्यग्रहण के समय, तुलापुरुषदान देने की इछा से, इसने एक ब्राह्मण को बुलाया । परंतु वह निंद्य दान होने के कारण, तुलापुरुषदान करते ही उस में से एक चंडालयुग्म उत्पन्न हुआ । इसीमें बाह्मण ने गीता के नवम अध्याय का पाठ प्रारंभ किया था । अतः उसके प्रत्येक अक्षर से एकेक विष्णुदूत उत्पन्न हो कर, उन्होनें इस चांडालयुग्म को भगा दिया । वह चंडालयुग्म मनुष्यवेषधारों पाप एवं निंदा थे [पद्म. उ. १८३]

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