भाद्रपद कृष्णपक्ष व्रत - विशालाक्षीयात्रा

व्रतसे ज्ञानशक्ति, विचारशक्ति, बुद्धि, श्रद्धा, मेधा, भक्ति तथा पवित्रताकी वृद्धि होती है ।


विशालाक्षीयात्रा

( काशीखण्ड ) - इसके निमित्त भाद्रपद कृष्ण तृतीयाको व्रत किया जाता है । इसमें रात्रिव्यापिनी तिथि लेते है । इस दिन केवल उपवास और जागरण किया जाता है और भाद्रपद शुक्ल तृतीयाको सुवर्णनिर्मित गौरीका गन्धादिसे पूजन करते है । नैवेद्यमें गुड़के पूआ और यात्रामें विशालाक्षी मुख्य हैं ।

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Last Updated : January 21, 2009

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