हिंदी सूची|हिंदी साहित्य|भजन|श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार|
कर प्रणाम तेरे चरणोंमें ल...

श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार - कर प्रणाम तेरे चरणोंमें ल...

श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दारके परमोपयोगी सरस पदोंसे की गयी भक्ति भगवान को परम प्रिय है।

कर प्रणाम तेरे चरणोंमें लगता हूँ अब तेरे काज ।

पालन करनेको आज्ञा तव मै नियुक्त होता हूँ आज ॥

अंतरमें स्थित रहकर मेरे बागडोर पकड़े रहना ।

निपट निरंकुश चंचल मनको सावधान करते रहना ॥

अन्तर्यामीको अन्तःस्थित देख सशङ्कित होवे मन ।

पाप-वासना उठते ही हो नाश लाजसे वह जल भुन ॥

जीवोंका कलरव जो दिनभर सुननेमें मेरे आवे ।

तेरा ही गुणगान जान मन प्रमुदित हो अति सुख पावे ॥

तू ही है सर्वत्र व्याप्त हरि ! तुझमें यह सारा संसार ।

इसी भावनासे अंतरभर मिलूँ सभीसे तुझे निहार ॥

प्रतिपल निज इन्द्रियसमूहसे जो कुछ भी आचार करूँ ।

केवल तुझे रिझानेको, बस, तेरा ही व्यवहार करूँ ॥

N/A

References : N/A
Last Updated : May 24, 2008

Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.
TOP