TransLiteral Foundation
Don't follow traditions blindly or don't assume a superstition either.
Don't be intentionally ignorant. Ask us!! Make Informed Religious Decisions!!
हिंदी सूची|हिंदी साहित्य|भजन|श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार|
जयति देव जयति देव , जय दय...

श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार - जयति देव जयति देव , जय दय...

श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दारके परमोपयोगी सरस पदोंसे की गयी भक्ति भगवान को परम प्रिय है।

राग गारा - ताल दादरा

जयति देव जयति देव, जय दयालु देवा ।

परम गुरु, परम पूज्य, परम देव देवा ॥

सब बिधि तव चरन-सिरन आइ पर्‌यो दासा ।

दीन, हीन, मति-मलीन, तदपि सरन-आसा ॥

पातक अपार किंतु दयाको भिखारी ।

दुखित जानि राखु सरन पाप-पुंज-हारी ॥

अबलौके सकल दोष क्षमा करहु स्वामी ।

ऐसो करु, जाते पुनि हौ, न कुपथगामी ॥

पात्र हौ कुपात्र हौ, भले अनधिकारी ।

तदपि हौं तुम्हारो, अब लेहु मोहि उबारी ॥

लोग कहत तुम्हरो सब, मनहु कहत सोई ।

करिय सत्य सोइ नाथ भव भ्रम सब खोई ॥

मोरि ओर जनि निहारि, देखिय निज तनही ।

हठ करि मोहि राखिय हरि ! संतत तल पनही ॥

कहौ कहा बार-बार जानहु सब भेवा ।

जयति, जयति, जय दयालु, जय दयालु देवा ॥

Translation - भाषांतर
N/A

References : N/A
Last Updated : 2008-05-24T22:28:50.2930000

Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.

warm spring

  • गरम झरा 
RANDOM WORD

Did you know?

श्रीदत्तपुराणटीका and more books for shree dattaray
Category : Hindu - Traditions
RANDOM QUESTION
Don't follow traditions blindly or ignore them. Don't assume a superstition either. Don't be intentionally ignorant. Ask us!!
Hindu customs are all about Symbolism. Let us tell you the thought behind those traditions.
Make Informed Religious decisions.

Featured site