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विश्वकर्मप्रकाशः - नवमोऽध्यायः

विश्वकर्मप्रकाशः - नवमोऽध्यायः

देवताओंके शिल्पी विश्वकर्माने, देवगणोंके निवासके लिए जो वास्तुशास्त्र रचा, ये वही ’ विश्वकर्मप्रकाश ’ वास्तुशास्त्र है ।


  • नवमोऽध्यायः - श्लोक १ ते २०
    देवताओंके शिल्पी विश्वकर्माने, देवगणोंके निवासके लिए जो वास्तुशास्त्र रचा, ये वही ’ विश्वकर्मप्रकाश ’ वास्तुशास्त्र है ।
  • नवमोऽध्यायः - श्लोक २१ ते ४८
    देवताओंके शिल्पी विश्वकर्माने, देवगणोंके निवासके लिए जो वास्तुशास्त्र रचा, ये वही ’ विश्वकर्मप्रकाश ’ वास्तुशास्त्र है ।
: Folder : Page : Word/Phrase : Person

References : N/A
Last Updated : 2012-01-20T21:36:55.8770000

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मायाविन्

  • n. एक असुर, जो मयासुर का पुत्र था । इसकी माता का नाम हेमा था । ब्रह्मांड में इसकी माता का नाम ‘रंभा’ दिया गया है [ब्रह्मांड.३.६.२८-३०] । वलि ने इसका वध किया । 
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कांही धर्मात प्रेताचे दहन तर कांहीत दफन कां करतात?
Category : Hindu - Beliefs
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