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  • विनय पत्रिका
    विनय पत्रिकामे, भगवान् श्रीराम के अनन्य भक्त तुलसीदास भगवान् की भक्तवत्सलता व दयालुता का दर्शन करा रहे हैं।
  • विनय पत्रिका - विनयावली ४२
    विनय पत्रिकामे, भगवान् श्रीराम के अनन्य भक्त तुलसीदास भगवान् की भक्तवत्सलता व दयालुता का दर्शन करा रहे हैं।
  • विनय पत्रिका - विनयावली ४३
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  • विनय पत्रिका - विनयावली ४४
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  • विनय पत्रिका - विनयावली ४५
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  • विनय पत्रिका - विनयावली ४६
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  • विनय पत्रिका - विनयावली ४७
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  • विनय पत्रिका - विनयावली ४८
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  • विनय पत्रिका - विनयावली ४९
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  • विनय पत्रिका - विनयावली ५०
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  • वि. 
  • अगणित ; अगण्य . आतां शब्दब्रह्मीं असंख्याकें । - ज्ञा १० . ३० . 
  • न मोजलेला ; न गणलेला ; [ सं . ] 
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