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शतश्लोकी

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  • शतश्लोकी
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक १
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक २
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक ३
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक ४
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक ५
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक ६
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक ७
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक ८
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक ९
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक १०
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक ११
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक १२
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
  • शतश्लोकी - श्लोक १३
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  • शतश्लोकी - श्लोक १४
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  • शतश्लोकी - श्लोक १६
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  • शतश्लोकी - श्लोक १७
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  • शतश्लोकी - श्लोक १८
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  • शतश्लोकी - श्लोक १९
    ’शतश्लोकी’ हा गुरु-शिष्य संवादात्मक आत्मज्ञानाचा उपदेश करणारा ग्रंथ
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बारा वर्षै तप केलें, गुवाशीं पारणें फेडलें

  • दीर्घकाल सत्कृत्य करुन शेवटीं अकृत्य करणें. चांगल्या कार्याचा शेवट बिघडविणें, तु. -पंचपक्कानांचें जेवण, मुताचें आंचवण. 
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भावाला राखी बांधण्यामागील धार्मिक अथवा भावनिक महत्व काय?
Category : Hindu - Beliefs
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