TransLiteral Foundation
Don't follow traditions blindly or don't assume a superstition either.
Don't be intentionally ignorant. Ask us!! Make Informed Religious Decisions!!

पां द खाडिलकर

: Folder : Page : Word/Phrase : Person


Comments | अभिप्राय

Comments written here will be public after appropriate moderation.
Like us on Facebook to send us a private message.

एतश

  • n. ऋग्वेद की एक ऋचा का सर्वानुक्रमणी के अनुसार यह द्रष्टा है [ऋ.१०.१३६.६] । वहॉं इसे वातरशन कहा गया है । एतश को अग्नि के आयुष्य नामक कुछ मंत्रों की रचना की स्फूर्ति हुई । तब इसने पुत्र से कहा कि मेरे मंत्रपठन यज्ञ के व्यत्यय तथा व्यंग नष्ट हो जाते है । परंतु ये मंत्र कह ही रहे थे तब उसके अभ्यग्नि नामक पुत्र ने विघ्न उपस्थित किया । इन असंबद्ध मंत्रों के कारण उसे लगा कि पिताजी पागल हो गये हैं तथा उसने उनके मुंह पर हाथ रखा । तब क्रोधित होकर इसने उसे शाप दिया कि तुम्हे कुष्ठ हो जायेगा [ऐ. ब्रा.६.३३] । ऐ. ब्रा में ऐतश शब्द है । इसलिये यह कथा संभवतः एतश की होगी । ऐतशायन औतों में अत्यंत बुरे मान कर वर्णित हैं । ऐतशप्रलाप आजकल अथर्ववेद का भाग कह कर प्रसिद्ध है तथा अभी वह वैसा ही असंबद्ध है [अ.वे.२०.१२९-१३२];[ बृहद्दे.८.१०१] । स्वश्वपुत्र सूर्य से हुए युद्ध में इंद्र ने एतश को बचाया [ऋ.१.५४.६,६१.१५,४.१७.१४] । इसे सूर्य ने घायल किया [ऋ.८.१.१८] 
RANDOM WORD

Did you know?

परदेशात १३ हा आंकडा अशुभ कां मानतात?
Category : Hindu - Beliefs
RANDOM QUESTION
Don't follow traditions blindly or ignore them. Don't assume a superstition either. Don't be intentionally ignorant. Ask us!!
Hindu customs are all about Symbolism. Let us tell you the thought behind those traditions.
Make Informed Religious decisions.

Featured site