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नित्यकर्म

  • विशिष्ट पूजा
    ईश्व्ररोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसी..
  • पूजा-सामग्री और रखनेका प्रकार
    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म शा..
  • आचमन और प्राणायाम
    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म शा..
  • स्वस्त्ययन
    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म शा..
  • संकल्प
    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म शा..
  • न्यास
    ईश्वरोन्मुख होनेके बाद मनुष्यको परमात्माके वास्तविक तत्वक परिज्ञान होने लगता है और फिर वह सदा सर्वदाके लिये जीवमुक्त हो जाता है, इसीलिये सारे कर्म शा..
: Folder : Page : Word/Phrase : Person


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कान फुंकणें

    1. कानात मंत्र सांगणें, गुरुपदेश देणें.
    2. चुगली करणें
    3. कानगोष्‍ट सांगणें
    4. मनांत भरविणें
    5. चहाडी, लावालावी करणें.
     
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मृत व्यक्तिचे वेगवेगळ्या धर्मात वेगवेगळ्या दिवशी संस्कार कसे काय?
Category : Hindu - Beliefs
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